उन्नाव (उप्र): उन्नाव में जिंदा जलाई गई दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रही हिंसा के खिलाफ दिल्ली में महिलाएं सड़कों पर उतर आईं. राज घाट से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. ये लोग उन्नाव बलात्कार पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं जिसकी कल देर रात दिल्ली से सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. इन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपियों तो जल्द से जल्द फांसी दी जाए.


इससे पहले परिजन से मुलाकात करने पहुंचे यूपी के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और क्षेत्रीय सांसद साक्षी महाराज का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर नारेबाजी की. उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण और सांसद साक्षी महाराज जब बिहार थाना क्षेत्र स्थित पीड़िता के गांव में उसके परिजन से मिलने पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका पुरजोर विरोध किया.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जमकर नारेबाजी की. पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने विरोध किया. सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा और दोनों मंत्रियों तथा सांसद को पीड़िता के घर पहुंचाया. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्री मौर्य और कमल रानी वरुण को दिवंगत पीड़िता के परिजन से मुलाकात के लिये भेजा था. वहीं एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया है कि उन्नाव में बलात्कार पीड़िता के परिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.

बता दें कि 23 वर्षीय पीड़िता को गुरुवार तड़के बलात्कार के दो आरोपियों सहित पांच लोगों ने जला दिया था. करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी युवती को एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया था और यहां सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उपचार के दौरान शुक्रवार देर रात उसने दम तोड़ दिया था. उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को आग के हवाले तब किया गया जब वह अदालत में मामले की सुनवाई के लिए रायबरेली जा रही थी.