श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश): पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) के नए संस्करण सी45 के जरिए सोमवार को सुरक्षा से जुड़े एक सैटलाइट का सफल प्रक्षेपण कर लिया गया. यह अपने साथ रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के लिए इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस सैटेलाइट (एमीसेट) और 28 अन्य थर्ड-पार्टी उपग्रहों को ले उड़ा. इसे सोमवार सुबह 9.27 बजे प्रक्षेपण किया गया. उड़ान भरने के लगभग 17 मिनट बाद 749 किलोमीटर दूर स्थित कक्षा में 436 किलोग्राम के एमीसेट को प्रक्षेपित करेगा. सूत्रों का कहना है कि सामरिक क्षेत्रों से उपग्रहों की मांग बढ़ गई है. ऐसे में भारत की ऐसे छह या सात उपग्रहों के निर्माण की योजना है.

भारत जुलाई या अगस्त में किसी समय अपने नए स्मॉल सेटेलाइट लांच व्हीकल (एसएसएलवी) रॉकेट से दो या ज्यादा रक्षा उपग्रहों को भी लांच करेगा. एमीसेट को कक्षा में रखकर रॉकेट 28 विदेशी उपग्रहों (अमेरिका के 24, लिथुआनिया के दो और स्पेन तथा स्विट्जरलैंड के एक-एक उपग्रह) को 504 किलोमीटर की ऊंचाई पर प्रक्षेपित करने के लिए वापस आएगा. इन सभी 28 उपग्रहों का वजन लगभग 220 किलोग्राम है. ऐसा करने के बाद भारत कुल 297 विदेशी उपग्रहों को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित करने का रिकार्ड अपने नाम कर लिया है.