नई दिल्ली: देश भर में सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस एवं वाम दलों पर लोगों को धरना स्थल पर उकसाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि संविधान बचाने के नाम पर दिल्ली और देश में क्या हो रहा है, वह पूरा देश देख रहा है और देश की चुप्पी कभी न कभी रंग लाएगी. क्या पंडित नेहरू हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे?” लोकसभा में करीब 100 मिनट के अपने जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, पंडित नेहरू खुद पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के पक्ष में थे. ”जो लोग हम पर आरोप लगा रहे हैं, उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या पंडित नेहरू हिंदू-मुस्लिम भेद करते थे ? क्या पंडित नेहरू हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते थे?”

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मोदी ने कांग्रेस की पिछले 70 साल की राजनीति के कारण कोई भी कांग्रेसी नेता आत्मनिर्भर नहीं हो पाया. मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सदस्यों से कहा कि आपके लिए (कांग्रेस) (महात्मा) गांधी जी ट्रेलर हो सकते हैं, हमारे लिए गांधीजी जिंदगी हैं.

बता दें कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने सरकार पर ध्रुवीकरण के जरिए देश को बांटने का आरोप लगाते हुए दावा किया था कि सीएए और एनआरसी की उसकी साजिश को विफल करने और संविधान को बचाने के लिए लोग सड़कों पर निकल आए हैं. विपक्ष ने दावा किया कि सीएए के मुददे की वजह से भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल हुई है. कुछ विपक्षी दलों ने सरकार पर देश को हिंदू राष्ट्र बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया था.

संशोधित नागरिकता कानून पारित कर संविधान का उल्लंघन करने के विपक्ष के आरोपों पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को देश में आपातकाल लागू करने, चुनी हुई कई राज्य सरकारों को गिराने जैसी विभिन्न घटनाओं का हवाला दिया और कहा, संविधान बचाने की बात कांग्रेस को दिन में 100 बार बोलनी चाहिए, ये तो उनका मंत्र होना चाहिए.

न्यायपालिका को किसने रौंदा? संविधान में सबसे अधिक संशोधन कौन लाया है?
प्रधानमंत्री ने कहा, ”न्यायपालिका को किसने रौंदा? संविधान में सबसे अधिक संशोधन कौन लाया है? किसने अनुच्छेद 356 को सबसे अधिक लागू किया? जिन लोगों ने उपरोक्त कार्य किए हैं, उन्हें हमारे संविधान का गहन ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता है?”

कश्मीर भारत का मुकुटमणि है
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने संबंधी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला के बयानों के लिए उन्हें आड़े हाथ लेते हुए मोदी ने कहा, ”कश्मीर भारत का मुकुटमणि है. कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की है. कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और अलगाववाद की बना दी गई थी.”

जितनी बार आप संविधान बोलोगे, कुछ चीजें आपको अपनी गलतियों का एहसास करा देंगी
प्रधानमंत्री ने कहा, इसलिए जितनी बार आप संविधान बोलोगे, कुछ चीजें आपको अपनी गलतियों का एहसास करा देंगी.” संशोधित नागरिकता कानून के संदभ में मोदी ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को उद्धृत करते हुए कहा ‘इसमें कोई संदेह नहीं हैं कि जो प्रभावित लोग भारत में बसने के लिए आए हैं, ये नागरिकता मिलने के अधिकारी हैं और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं हैं तो कानून में बदलाव किया जाना चाहिए.’

19 जनवरी 1990 की उस काली रात में कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान को दफना दी थी
प्रधानमंत्री ने कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन की ओर संकेत करते हुए कहा, 19 जनवरी 1990 की उस काली रात में कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान को दफना दिया था. सीएए को लेकर देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”संविधान बचाने के नाम पर दिल्ली और देश में क्या हो रहा है, वह पूरा देश देख रहा है और देश की चुप्पी कभी न कभी रंग लाएगी”.

सीएए का किसी नागरिक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
प्रधानमंत्री ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा, ”मैं पूरी जिम्मेदारी से देश की 130 करोड़ जनता को कहना चाहता हूं कि सीएए का हिंदुस्तान के किसी नागरिक पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो या ईसाई हो, चाहे कोई और हो.”

भारत को भारत की नजर से देखना शुरू करो, अपनी गलती का अहसास होगा
पीएम ने कहा, भारत के अल्पसंख्यकों को इससे कोई नुकसान नहीं हो सकता है. जिन लोगों को देश की जनता ने नकार दिया है, जिन्हें घर भेज दिया, वे ऐसी बात कर रहे हैं जो कोई सोच भी नहीं सकता. प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस और उसके जैसे दलों ने जिस दिन भारत को भारत की नजर से देखना शुरू किया, उस दिन उन्हें अपनी गलती का अहसास होगा.”

समस्याओं का समाधान निकालने के लिए दीर्घकालिक नीति पर काम किया
मोदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जो कुछ भी हुआ, ”राजनीति के तराजू से तौलकर और आधे-अधूरे मन से किया गया”, जबकि उनकी सरकार ने चुनौतियों को चुनौती देते हुए समस्याओं का समाधान निकालने के लिए दीर्घकालिक नीति के तहत काम किया, जिससें अर्थव्यवस्था आगे बढ़ी तथा वित्तीय घाटा एवं महंगाई स्थिर रही .

कभी-कभी चुनौतियों की तरफ न देखने की आदतें भी देश ने देखी है
पीएम मोदी ने कहा, कोई इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि देश चुनौतियों से लोहा लेने के लिए हर पल कोशिश करता रहा है. कभी कभी चुनौतियों की तरफ न देखने की आदतें भी देश ने देखी है. चुनौतियों को चुनने का सामर्थ्य नहीं, ऐसे लोगों को भी देखा है.

हम अगर चुनौतियों को चुनौती नहीं देते तो..
प्रधानमंत्री ने कहा कि लेकिन आज दुनिया की भारत से जो अपेक्षा है, हम अगर चुनौतियों को चुनौती नहीं देते, अगर हम हिम्मत नहीं दिखाते और अगर हम सबको साथ लेकर चलने की गति नहीं दिखाते तो हमें लंबे अरसे तक समस्याओं से जूझना होता.

तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता
मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ”हम भी आप लोगों के रास्ते पर चलते, तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से अनुच्छेद 370 नहीं हटता. आपके तौर तरीके से चलते तो मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती .”

तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर प्रहार जारी रखते हुए कहा कि अगर वह उनकी सोच के साथ चलते तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती, करतारपुर साहिब गलियारा कभी नहीं बन पाता और भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता.