नई दिल्ली: दशकों पुरानी बालपत्रिका चंदामामा के नए मालिक स्विस बैंकों में अवैध पैसा रखने के मामले में फंस गए हैं. मुंबई की जियोडेसिक लिमिटेड ने इस प्रतिष्ठित पत्रिका को 2007 में खरीद लिया था. कंपनी के तीन निदेशकों के खिलाफ धन के हेर-फेर और अन्य वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है. स्विट्जरलैंड ने स्विस बैंकों में इन तीनों के खातों के संबंध में प्रशासनिक सहयोग देने की सहमति व्यक्त की है. Also Read - अपनी फोटो में प्रियंका चोपड़ा को टैग किए जाने से भड़की ये एक्ट्रेस, शेयर किया पोस्ट

आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, स्विट्जरलैंड के संघीय कर विभाग ने पांच मार्च को जियोडेसिक लिमिटेड और इसके तीन निदेशकों प्रशांत शरद मुलेकर, पंकजकुमार ओंकार श्रीवास्ताव और किरण कुलकर्णी के बैंक खातों के संबंध में प्रशासनिक सहयोग देने का निर्णय किया है. Also Read - स्विस बैंकों में भारतीयों ने कम जमा कराया धन, भारत नीचे खिसककर 74वें स्थान पर पहुंचा, टॉप में UK

स्विट्जरलैंड के कानून के मुताबिक, कर विभाग के निर्णय के खिलाफ 30 दिन के भीतर अपील की जा सकती है. इससे पहले विभाग ने कंपनी और तीनों निदेशकों के मामले में 30 अक्टूबर 2018 को भी सहयोग का निर्णय लिया था. इस निर्णय को चुनौती दिए जाने के बाद विभाग ने फिर से सहयोग का निर्णय लिया है. इससे संकेत मिलता है कि पहले की गई अपील टिकने योग्य प्रमाणों पर आधारित नहीं थी. Also Read - लग्जरी कार की सीट में था लॉकर जिसमें छुपाए गए थे 11 करोड़ रुपए, पुलिस ने पकड़ा, 4 गिरफ्तार

स्विट्जरलैंड के कर विभाग ने इसी तरह के एक अन्य मामले में चेन्नई की कंपनी आदि एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड को लेकर भी सहयोग करने का निर्णय पांच मार्च को लिया है. जियोडेसिक विभिन्न नियमों का अनुपालन नहीं करने को लेकर पहले भी सेबी की कार्रवाई का सामना कर चुकी है.