नई दिल्ली. 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएम के जवानों पर हमला करने की साजिश करने वाले आतंकी को सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त अभियान में मार गिराया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी का नाम मुदस्सीर अहमद खान है. 23 साल का ये शख्स हथियार उठाने से पहले इलेक्ट्रिशियन का काम करता था.

एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि 18 आतंकियों को ढेर किया गया है, जिसमें 14 जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे. इनमें 6 मुख्य कमांडर थे. इसके साथ ही मुदस्सीर को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया, जोकि पुलवामा अटैक का मुख्य आरोपी था. इसके साथ ही कुछ और आतंकी ढेर हुए हैं, जिनकी पहचान अबतक नहीं हो पाई है.

पाकिस्तान के रहने वाले थे दूसरे आतंकी
सुरक्षाबलों ने कहा कि हमारा मानना है कि अन्य दूसरे आतंकी पाकिस्तान के रहने वाले हैं. वे ”खालिद” नाम के कोड का प्रयोग करते थे. इन आतंकियों के ढेर होने से जैश-ऐ-मोहम्मद की कमर टूट गई है. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ भी शामिल थी.

21 आतंकियों के ग्रुप का करता था नेतृत्व
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुदस्सीर अपने एक साथी शहीद बाबा के साथ जैश के लिए काम करता था. वे 21 आतंकियों की एक टुकड़ी का नेतृत्व करता था, जो कि जनवरी 2018 में पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर लौटी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलवामा हमले में जैश के लोकल और विदेश दोनों तरह के आतंकी शामिल थे.

पहला सुसाइड बॉम्बर भाग निकला
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्राल का रहने वाला आरजू बाशिर को सुसाइड बॉम्बर के तौर पर लिया गया था. लेकिन, वह फिदायीन ग्रुप से भाग निकला. इसके बाद उसके परिवार के लोग उसे पुलिस के पास लेकर पहुंचे. अभी वह बेल पर है. अंत में आदिल अहमद दार को आतंकियों ने सुसाइड बॉम्बर बनाकर भेजा था.