नई दिल्ली/जम्मूः कश्मीर घाटी में पुलवामा हमले पर व्यापक प्रदर्शनों के बाद एहतियाती कदम के तौर पर जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को कर्फ्यू लगा दिया गया. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए. अधिकारियों ने बताया कि सेना ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में प्रशासन की मदद करने का अनुरोध किया और फ्लैग मार्च किया. अधिकारियों ने बताया कि साम्प्रदायिक हिंसा की आशंक के चलते कर्फ्यू लगाया गया है. लाउडस्पीकरों पर कर्फ्यू लागू होने की घोषणा होने के बाद भी प्रदर्शनकारी लौटे नहीं खासतौर से पुराने शहर में. Also Read - Delhi Coronavirus: मनीष सिसोदिया ने राजनाथ सिंह को लिखा खत, मांगी आर्मी की मदद

इस बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को जम्मू कश्मीर रवाना हो गये जहां वे पुलवामा में आतंकी हमले के मद्देनजर राज्य में उत्पन्न स्थिति का जायजा लेंगे. गृह मंत्री के साथ गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी भी जा रहे हैं. इस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे. इस बैठक में प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक सहित पुलिस, सुरक्षा एवं अन्य क्षेत्रों के अधिकारी भी शामिल होंगे.गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री बृहस्पतिवार को राज्य में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे. सिंह पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे. Also Read - West Bengal Results: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की विजयी हैट्रिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

गौरतलब है कि पुलवामा में बृहस्पतिवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 40 जवान शहीद हो गए जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले पर पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आतंकी संगठन और उनके सरपरस्त बहुत बड़ी गलती कर गए हैं और इसके गुनाहगारों को उनके किये की सजा जरूर मिलेगी और उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. Also Read - राजनाथ ने रक्षा संगठनों से राज्य सरकारों को ऑक्सीजन, बिस्तर उपलब्ध कराने को कहा

(इनपुट- भाषा)