नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारूक समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी है. एक अधिकारी ने कहा कि इन पांच नेताओं और अन्य अलगाववादियों को किसी भी चीज की आड़ में सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी. जिन अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली गई है उनमें मीरवाइज उमर फारूक के अलावा शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी भट हैं. Also Read - Kovid 19: CRPF ने एक दिन के वेतन से 33.81 करोड़ रुपए पीएम राहत फंड में दिए

बता दें कि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के साथ संदिग्ध तौर पर संपर्क रखने वाले कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को मिली सुरक्षा की समीक्षा करने और फिर उसे वापस लेने की बात कही थी. एक शीर्ष अधिकारी ने बताया था कि केंद्र सरकार ने एक सुझाव दिया था जिसके बाद ऐसे व्यक्तियों को मिली सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी जिनपर आईएसआई के साथ संबंधों का शक है. Also Read - सात महीने की हिरासत के बाद रिहा होंगे उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर सरकार ने जारी किए आदेश

एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया था कि जम्मू कश्मीर सरकार के गृह सचिव अलगाववादियों को मिली सुरक्षा की समीक्षा करेंगे और फिर इसे वापस लेने पर निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार अलगाववादियों को मिली सुरक्षा की समीक्षा करेगी क्योंकि उनमें से अधिकतर को जम्मू कश्मीर पुलिस सुरक्षा मुहैया कराती है. Also Read - फारूक अब्दुल्ला ने PM मोदी को लिखा पत्र, 4G इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की मांग

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को श्रीनगर में पत्रकार वार्ता में कहा था कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी आईएसआई से धन लेने वाले लोगों को मिली सुरक्षा की समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने कहा था, ‘जम्मू कश्मीर में कुछ तत्वों के आईएसआई और आतंकी संगठनों से रिश्ते हैं. उन्हें मिली सुरक्षा की समीक्षा होनी चाहिए. गौरतलब है कि कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार को जैश-ए-मोहम्मद के फिदायीन आतंकवादी के हमले में सीआरपीएफ के 40 कर्मी शहीद हो गए.