नई दिल्ली: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मोहम्मद मुदस्सिर आखिरकार मारा गया है. सेना ने आज त्राल हुई कार्रवाई के बाद उसकी मौत की पुष्टि कर दी है. लेफ्टिनेंट जनरल के एस ढिल्लन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये जानकारी दी है. यही वो आतंकी था जिसने पुलवामा हमले के लिए विस्फोटक का इंतजाम किया था. उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. घाटी में आतंकियों के भर्ती होने की संख्या घटी है. उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड मुदस्सिर मारा गया है. त्राल में हुई मुठभेड़ में सेना ने उसे मार गिराया गया है. कश्मीर में 21 दिनों में 18 आतंकी मारे गए हैं. घाटी में सेना जैश के आतंकियों को ख़त्म करने के करीब है. आतंकियों के मददगारों को भी पकड़ा जाएगा.

अधिकारियों ने की मौत की पुष्टि
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले की साजिश रचने वाले आंतकवादी के बारे में माना जा रहा था कि वह दक्षिणी कश्मीर के त्राल क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के दौरान मारा गया. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी थी. अब अधिकारियों ने पुष्टि कर दी है कि पुलवामा जिले के त्राल के पिंग्लिश क्षेत्र में रविवार रात हुई मुठभेड़ के दौरान जैश ए-मोहम्मद का आतंकवादी मुदस्सिर अहमद उर्फ ‘मोहम्मद भाई’ मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक है.


पेशे से था इलेक्ट्रिशियन
पिंग्लिश क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू किया था. यह अभियान उस समय मुठभेड़ में बदल गया जब सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू की. इस हमले की जांच में अब तक जुटाए गए सबूतों के मुताबिक सुरक्षाबलों ने बताया कि 23 साल का मुदस्सिर पेशे से इलेक्ट्रिशियन था और स्नातक पास था. वह पुलवामा का रहनेवाला था और उसने ही आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए वाहन और विस्फोटक का इंतजाम किया था. त्राल के मीर मोहल्ला में रहनेवाला मुदस्सिर 2017 में जैश से जुड़ा और बाद में नूर मोहम्मद तंत्रे उर्फ ‘नूर त्राली’ ने उसको आतंकवादी संगठन में शामिल कर लिया. नूर त्राली के बारे में माना जाता है कि उसने घाटी में आतंकी संगठनों को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई है.

त्राली के 2017 में मारे जाने के बाद मुदस्सिर अपने घर से 14 जनवरी, 2018 को लापता हो गया और वह तब से आतंकवादी के रूप में सक्रिय था. अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी को पुलवामा में विस्फोटक से भरी कार से सीआरपीएफ की बस में टक्कर मारनेवाला आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार लगातार मुदस्सिर के संपर्क में था. मुदस्सिर ग्रेजुएट होने के बाद एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से एक साल का डिप्लोमा करके इलेक्ट्रिसियन बना था. वह यहां के एक श्रमिक का सबसे बड़ा बेटा था. ऐसा माना जाता है कि फरवरी 2018 में सुंजावान के सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले में भी वह शामिल था. इस हमले में छह जवान शहीद हो गए थे और एक नागरिक की मौत हो गई थी.