नई दिल्लीः पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले के बाद उपजीं सुरक्षा चुनौतियों को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेनाओं के प्रमुख सोमवार को 42 देशों में तैनात भारत के ‘डिफेंस अताशे’ के साथ अहम बैठक करेंगे. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. गौरतलब है कि मोदी सरकार पर आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का दबाव है. ऐसे में इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है. Also Read - जैसे काली नागिन के डंसने से मरते हैं लोग, उसी तरह निर्मला सीतारमण की वजह से मर रही है जनता: TMC सांसद

‘डिफेंस अताशे’ विदेश में भारतीय दूतावास से जुड़े वह अधिकारी होते हैं, जो रक्षा से जुड़े मामलों को देखते हैं. ये सिर्फ उन्हीं देशों में होते हैं, जिनसे हमारे सैन्य ताल्लुकात हैं. ‘डिफेंस अताशे’ की दो दिन तक चलने वाली यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. Also Read - Garib Kalyan Rojgar Abhiyaan: हर जिले में 25,000 प्रवासी मजदूरों को मिलेगा काम, जानें योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें...

हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सुरक्षा बलों को इस हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी गई है. एक सैन्य अधिकारी ने बताया, ‘‘बैठक में पाकिस्तान सीमा पर हालात समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी. इसके अलावा, सरकार कुछ अहम सुरक्षा चुनौतियों को लेकर डिफेंस अताशे से प्रतिक्रिया लेगी.’’ Also Read - 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' बिहार के एक गांव से होगा शुरू, PM मोदी करेंगे लॉन्च

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तैनात भारत के डिफेंस अताशे भी इस बैठक में शिरकत करेंगे. सूत्रों के अनुसार, बैठक में भारत-चीन सीमा की स्थिति के साथ-साथ भारत के पड़ोस से जुड़े भू-रणनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा संभव है.