नई दिल्ली: श्रीनगर में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है. पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले को अंजाम दिया था. उसने पाकिस्तानी सेना और ISI के इशारे और समर्थन से यह हमला करवाया. सेना ने कहा कि कामरान ही पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था. लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन जैसी चिनार कॉर्प्स ने कहा कि कितने गाजी आए, कितने गए. आप बेपरवाह रहिए हम आतंकियों को हरगिज नहीं छोड़ेंगे.

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सेना ने कहा कि पुलवामा हमले के 100 घंटे के भीतर ही आतंकियों को ढेर कर दिया गया. इस हमले में ISI के हाथ होने की आशंका से इनकार नहीं करते हैं. सोमवार की घटना में जवान शहीद हुए या फिर घायल हुए. हम स्पष्ट कर दें कि सेना के ऑपरेशन में पूरी तरह से किसी स्थानीय को कोई चोट न पहुंचे इसका ख्याल रखा गया. ‘कल के ऑपरेशन में फ्रंट पर लीड करनेवाले हमारे जवान छुट्टी पर थे, लेकिन वह देशसेवा के लिए ड्यूटी पर तैनात हुए. मैं स्थानीय नागरिकों से अपील करता हूं कि वह ऑपरेशन के दौरान हमारा सहयोग करें.

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बता दें कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में सोमवार को 16 घंटे चली एक मुठभेड़ में 14 फरवरी को सीआरपीएफ काफिले पर हुए आत्मघाती हमले से जुड़े आतंकवादी ‘कामरान’ सहित जैश ए मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए जबकि सेना के एक मेजर और चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे. पिंगलान क्षेत्र में हुई इस भीषण मुठभेड़ में गोली लगने से एक नागरिक भी मारा गया. वहीं इसमें पुलिस उप महानिरीक्षक (दक्षिण कश्मीर) अमित कुमार, एक ब्रिगेडियर, एक लेफ्टिनेंट कर्नल, एक मेजर और यह अभियान संचालित करने वाली सेना की इकाई के चार अन्य कर्मी घायल हो गए.

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यह मुठभेड़ स्थल उस जगह से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित था जहां गत 14 फरवरी को वह आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें जैश ए मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से भरा अपना वाहन सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया था. उस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. उक्त आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है.