नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतिपोरा इलाके में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाते हुए हमला किया जिसमे कम से कम 40 जवान शहीद हे गए. तबाही का ऐसा खौफनाक मंजर देख स्थानीय निवासियों का खून जम गया.यह आतंकवादी घटना यहां से 20 किलोमीटर दूर हुई. घटना में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज 10-12 किलोमीटर दूर, यहां तक कि पुलवामा से जुड़े श्रीनगर के कुछ इलाकों तक भी सुनाई दी. स्थानीय निवासियों ने बताया कि घटना में शहीद हुए जवानों के क्षत विक्षत शव जम्मू कश्मीर राजमार्ग में बिखर गए. कुछ शवों की हालत तो इतनी खराब है कि उनकी शिनाख्त में काफी वक्त भी लग सकता है.

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विस्फोट की आवाज सुनाई देते ही लोग यहां वहां भागने लगे. घटनास्थल से 300 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित लेथपुर बाजार के दुकानवाले अपनी अपनी दुकानों के शटर गिरा कर भाग गए. गौरतलब है कि केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे.

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इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे. तभी एक आत्मघाती आतंकवादी ने विस्फोटक से भरी अपनी कार जवानों की बस से भिड़ा दी. इस बस में 39-44 के बीच जवान सवार थे. आतंकवादियों ने जिस स्थान पर घटना को अंजाम दिया है वह लाथपोरा के कमांडो ट्रेनिंग सेंटर से ज्यादा दूर नहीं है. यहां पर 31 दिसंबर 2017 को आतंकवादियों ने हमला किया था. इसमें सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे.

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अमेरिका ने पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा कि वह आतंकवाद को पराजित करने के लिए भारत के साथ खड़ा है. भारत में अमेरिका के राजदूत कीनेथ जस्टर ने ट्वीट किया,‘भारत में अमेरिकी मिशन जम्मू कश्मीर में आज हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है. हम इस हमले में मारे गये लोगों के परिवारों और घायलों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद का मुकाबला करने और उसे पराजित करने के लिए भारत के साथ खड़ा है.