पुणे. पुणे में एक निजी स्कूल द्वारा लड़कियों को विशेष रंग के अंत:वस्त्र (इनरवियर) पहनने का निर्देश विवाद के बाद वापस कर लिया गया है. दिया गया है. बता दें कि स्कूल ने ये निर्णय तब लिया है जब इस फैसले से नाराज अभिभावक राज्य के शिक्षामंत्री के पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने वहां प्रदर्शन भी किया था. उन्होंने प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर धरना भी दिया था. Also Read - पुणेः कान्वेंट स्कूल के प्रिंसिपल ने 14 वर्षीय बच्चे को दिखाया पोर्न वीडियो, मामला दर्ज

बता दें कि ‘एमआईटी विश्वशांति गुरुकुल स्कूल’ ने छात्राओं को सफेद तथा बेज रंग के अंत:वस्त्र पहनने का निर्देश दिया था. अधिकारियों का कहना था कि यह दिशा-निर्दश छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी किए गए हैं. शिक्षा (प्राथमिक) के निदेशक दिनकर दीमकर ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था. पीएमसी के शिक्षा बोर्ड ने मामले की जांच के लिए दो अधिकारियों को नियुक्त किया था. Also Read - पुणे के स्कूल का फरमान: इस रंग का इनरवियर पहने छात्राएं, स्कर्ट की लंबाई भी तय

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल ने छात्राओं को सफेद और बेज रंग के इनरवियर पहनने का निर्देश जारी किया था. इतना ही नहीं, स्कूल प्रशासन ने लड़कियों के स्कर्ट की लंबाई भी तय कर दी थी. स्कूल का कहना था कि स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स इस नियम को फॉलो नहीं करेंगे तो उनपर कार्रवाई होगी.

अपने इस निर्देश को वापस लेने का फैसला लेते हुए स्कूल प्रशासन ने कहा, इस निर्देश का मतलब किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने से नहीं था. इसे छात्रों के हित में लिया गया था. इस निर्देश को वापस लिया जाता है. स्कूल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर का कहना है कि पीटीए के प्रतिनिधिमंडल को हमने एक मीटिंग के लिए बुलाया है. नई डायरी जारी की जाएगी. इस बार विशेष सतर्कता बरती जाएगी और सबको पहले ही बता दिया जाएगा.