पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को एयर इंडिया की जमकर आलोचना करते हुए कहा है कि उसे अपनी सर्विस को देश भर में बंद कर देना चाहिए. इसके साथ ही कोर्ट ने कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहें. Also Read - 25 मई से उड़ान भरने को तैयार एयर इंडिया के प्लेन, लेकिन इससे पहले इस मामले पर अदालत को देना होगा जवाब

जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस अरुण पल्ली के डिविजन बेंच ने मामले में निर्देश दिया है. इसके लिए मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए जनहित याचिका दाखिल की थी. इसकी सुनवाई करते हुए बेंच ने यह निर्देश दिया है. डिविजन बेंच ने पिछली सुनवाई में एयर इंडिया से पूछा था कि वह बताए कि क्यों चंडीगढ़ और बैंकाक के बीच सर्विस रोक दी गई है. बता दें कि ये सेवा इस साल जुलाई से रोकी गई है. Also Read - Air India Updates: 25 मई से इन शहरों के लिए उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया की एलायंस एयर, रोजाना 57 विमान भरेंगे उड़ान

हलफनामा दाखिल करने को कहा
एयर इंडिया को कोर्ट ने निर्देश दिया था कि वह इस मामले में अपने एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर का एक हलफनामा दाखिल करें, जिसमें अलग-अलग सेक्टर के फ्लाइट शेड्यूल की जानकारी हो. इसके साथ ही लोड फेक्टर और फ्लाइट के फायदे की भी जानकारी हो. इसके साथ ही चंडीगढ़-बैंकॉक फ्लाइट के भी फायदे की जानकारी मांगी गई थी. Also Read - Domestic Flights Booking Start: शुरू हो गई टिकटों की बुकिंग, इन शर्तों के साथ जानें कौन लोग कर सकते हैं यात्रा

8 करोड़ रुपये का घाटा
बुधवार को सुनवाई के दौरान एयरलाइन की तरफ से कहा गया कि वह फ्लाइट को लेकर वह 8 करोड़ रुपये के घाटे में है. अपने हलफनामे में एयर इंडिया ने कहा कि चंडीगढ़ से बैंकॉक की फ्लाइट औसतन सिर्फ 65 फीसदी ही भरती है. ऐसे में लगातार घाटा बना रहता है. इसके बाद डिविजन बेंच ने कहा कि वह क्यों नहीं अपनी सर्विस देश और दुनिया में बंद नहीं कर देती है?