चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में विवादित संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ शुक्रवार को ध्वनिमत से एक प्रस्ताव पारित किया गया. केरल के बाद पंजाब दूसरा राज्य है जहां सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है. संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को तीन घंटे की चर्चा के बाद पारित किया गया. Also Read - West Bengal Assembly Elections 2021 Opinion Poll: बंगाल में फिर एक बार ममता सरकार! लेकिन 3 से 100 पर पहुंच सकती है भाजपा; जानिए क्या है जनता का मूड

सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रस्ताव का समर्थन किया, वहीं भाजपा ने इसका विरोध किया. शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने संशोधित कानून के तहत नागरिकता देने के लिए समुदायों की सूची में मुस्लिमों को शामिल करने की मांग की. Also Read - बीजेपी ने काउंटर नारे से ममता बनर्जी पर साधा निशाना, कहा- बंगाल को अपनी बेटी चाहिए, बुआ नहीं

सीएए 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैन, पारसियों और ईसाइयों को नागरिकता देने का प्रावधान करता है जबकि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को इससे बाहर रखा गया है. संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ सबसे पहले केरल विधानसभा ने प्रस्ताव पारित किया था. Also Read - Mamata Banerjee On Election Date: ममता बनर्जी ने बंगाल में 8 चरणों में वोटिंग पर उठाए सवाल, कही यह बात...