चंडीगढ़. पंजाब पिछले कुछ सालों में नशीले पदार्थों का हब बनकर रह गया है. पंजाब में मादक पदार्थ की तस्करी पूरी पीढ़ी को बर्बाद कर रही है. पंजाब में फैले नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए अब नया तरीका अपनाया गया है. ड्रग्स की समस्या से जूझ रहे पंजाब में ड्रग्स का कारोबार करने वालों के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुरस्कार नीति की घोषणा की है. सरकार की मंशा है कि इस नीति के अमल में आने से राज्य में नशे के कारोबार पर अंकुश लग सकेगा. साथ ही पंजाब में ड्रग्स की गिरफ्त में आने वाले नौजवानों को भी बचाया जा सकेगा.Also Read - चर्चित पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला कांग्रेस में हुए शामिल, विवादों को लेकर खूब रहे हैं सुर्खियों में

पंजाब सरकार ने ड्रग्स तस्करी रोकने के इस अभियान को सफल बनाने के लिए इससे आम जन को जोड़ने की योजना बनाई है. इसके तहत अब आपको पंजाब में न केवल ड्रग्स को जब्त कराने पर, बल्कि मादक पदार्थो से संबंधित अभियोजन में सफल जांच करने के लिए भी पुरस्कृत किया जाएगा. सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा. Also Read - Deaths due to Oxygen Shortage: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ऑक्सीजन की कमी से सिर्फ पंजाब में हुई चार मौतें

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के निर्देश पर अमल करते हुए पंजाब पुलिस ने रविवार को सरकारी कर्मचारियों और मुखबिरों के लिए नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम 1985 के तहत पुरस्कार नीति की घोषणा की. एक सरकारी प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा कि इस कदम का उद्देश्य ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और मजबूत करना है, जिसकी प्रगति की निगरानी अब मुख्यमंत्री स्वयं व्यक्तिगत रूप से योजना के लिए नवगठित सलाहकार समूह के प्रमुख के रूप में कर रहे हैं. Also Read - पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा 'काले अंग्रेज', केजरीवाल बोले, 'लेकिन नीयत साफ है'

मुख्यमंत्री ने हालिया समीक्षा बैठक में पुलिस विभाग को ड्रग मेन्यू पर एक व्यापक नीति दस्तावेज का मसौदा तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि एक स्पष्ट और संक्षिप्त नीति एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में नशीले पदार्थो के सेवन के उन्मूलन में लगे लोगों को समान और पारदर्शी तरीके से नकद पुरस्कार देने की सुविधा प्रदान करेगी.