नयी दिल्ली| पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रदूषण के मसले पर खेतों में पुआल नहीं जलाने की सलाह देते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से पत्र लिखे जाने संबंधी खबरों के बीच पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि उनका यह कदम ‘‘प्रचार पाने के एक नये पैंतरे’’ के अलावा कुछ नहीं है. पंजाब प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सतनाम सिंह कैंथ ने ‘भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘शहबाज का यह प्रचार पाने का एक पैतरा है. दरसअल, पाकिस्तान में अब चुनाव होने वाला है और इस कारण उन्होंने प्रचार पाने और खबरों में बने रहने का एक नया तरीका इजाद किया है.’’Also Read - Punjab News: नवजोत सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यभार संभाला, कार्यक्रम में CM अमरिंदर भी हुए शामिल

कैंथ ने कहा, ‘‘प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए शहबाज कैप्टन को कैसे पत्र लिख सकते हैं. क्या उन्हें इस बात का पता नहीं है कि दो देशों के मामले में संबंधित देशों की केंद्र सरकारें ही बातचीत करती है, ऐसे में शहबाज का कैप्टन को पत्र लिखना, न केवल उनके ‘राजनीतिक अकुशलता’ को दर्शाता है बल्कि यह अप्रासंगिक भी है .’’ Also Read - क्या कम होगी तल्खी! नवजोत सिद्धू की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की ताजपोशी में शामिल होंगे CM अमरिंदर

उन्होंने दावा किया, ‘‘पाकिस्तान में दरअसल चुनाव होने हैं. शहबाज के बडे भाई और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के आरोप में वहां की सर्वोच्च अदालत ने अयोग्य और अपदस्थ कर दिया है और यह पाक सहित पूरी दुनिया को पता है. ऐसे में उन्हें तथा उनके परिवार को भी पाकिस्तान में प्रचार की आवश्यकता है. इसलिए पत्र लिख कर मीडिया में बने रहने तथा प्रचार पाने का यह तरीका अपनाया है.’’ Also Read - Punjab News: पंजाब में खत्म नहीं हुई रार! CM के मीडिया सलाहकार बोले- अमरिंदर सिंह तब तक सिद्धू से नहीं मिलेंगे जब तक...

इससे पहले कैंथ ने कहा कि अगर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रदूषण है तो वह स्वयं निपटें और इसके लिए उन्हें कैप्टन को पत्र लिखने की बजाए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शहबाज खान ने कैप्टन को पत्र लिख कर उन्हें समग्र स्थिति की निगरानी करने और क्षेत्र में पुआल जलाने पर रोक लगाने तथा दोनो तरफ के पंजाब के हित में सामूहिक प्रयास करने की अपील की है.

कैंथ ने यह भी कहा कि प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सभी प्रभावित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर एक ठोस पहल करने की जरूरत है.