चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने भारतीय नदियों का पानी पाकिस्तान को जाने से रोकने के लिए एक बांध बनाने हेतु बुधवार को केंद्र सरकार से 412 करोड़ रुपए की मांग की. प्रदेश सरकार ने केंद्र से रावी-उज्ज नदियों पर मकोरा पाटन में बांध निर्माण को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मान्यता प्रदान करने की मांग की. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ नई दिल्ली में बुधवार को एक बैठक में पंजाब के ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा और जल संसाधन मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने कहा कि बांध का निर्माण होने से पाकिस्तान को मिलने वाले 600 क्यूसेक पानी को रोका जाता सकता है. Also Read - Chinese village in Arunachal! चीन ने तीन महीनों के अंदर अरुणाचल प्रदेश में बसा दिया गांव? भारत ने दिया ये जवाब

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पंजाब के ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री ने गडकरी को बताया कि इस पानी को कालानौर-रामदास कैनाल प्रणाली में ले जाने के लिए 7 किलोमीटर लंबी नहर बनानी होगी. इस पानी का इस्तेमाल एक लाख एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए किया जाएगा. इस परियोजना से प्रदेश सरकार 100 गांवों और 6 शहरी इलाकों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाने में सक्षम होगी.

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गडकरी ने प्रदेश सरकार को निर्माण से पहले सभी तकनीकों का अध्ययन करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपने को कहा. पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने यहां कहा, “(प्रदेश के) मंत्रियों ने केंद्रीय मंत्री से इसे राष्ट्रीय परियोजना के रूप में मंजूरी प्रदान करने की अपील की और परियोजना को शीघ्र पूरा करने के लिए निधि जारी करने को कहा ताकि पाकिस्तान को पानी रोका जाए.”