नई दिल्ली: महिला सुरक्षा पर बढ़ती चिंताओं के विषय में देश भर में चर्चाएं हो रही हैं. इसी संदर्भ में पंजाब सरकार ने एक काबिले तारीफ कोशिश की तरफ रुख किया है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को महिलाओं को सुरक्षित रूप से घर छोड़ने के लिए मुफ्त पुलिस सहायता की घोषणा की है. उन्होंने यह ऐलान किया कि रात 9 बजे से सुबह के 6 बजे तक महिलाओं के लिए यह सहायता उपलब्ध रहेगी. अगर कोई लड़की या महिला इस समय के बीच कहीं फंसी हों या उन्हें घर जाने में कोई दिक्कत हो तो वोराज्यव्यापी सुविधा नंबर 100, 112 और 181 पर डायल कर इस सेवा का इस्तेमाल कर सकती हैं. इन नंबरों को डायल करने के बाद महिला कॉलर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) से जुड़ जाएगी.

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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता को राज्य भर में इस सुविधा के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. हालांकि ये फैसला हर राज्य सरकार को बहुत पहले ही लेना चाहिए था मगर तेलंगाना बलात्कार केस के बाद ऐसी सुगबुगाहट देखने को मिल रही हैं.

पिक-अप और ड्रॉप की सुविधा उन महिलाओं को उपलब्ध होगी, जिनके पास सुरक्षित वाहन नहीं है, जिनमें टैक्सी या 3-व्हीलर शामिल हैं. महिला कॉलर को संपूर्ण सुरक्षा की भावना देने के लिए, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि परिवहन के दौरान कम से कम एक महिला पुलिस अधिकारी उसके साथ होनी चाहिए.योजना के कार्यान्वयन के लिए पीसीआर वाहनों को मोहाली, पटियाला और बठिंडा के साथ-साथ राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में उपलब्ध कराया जाएगा.

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डीएसपी / एसीपी प्रत्येक जिले में योजना को लागू करने के लिए नोडल अधिकारी होंगे. उनके नंबर पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे. एडीजीपी, क्राइम, पंजाब, गुरप्रीत देव सुविधा के लिए राज्य के नोडल अधिकारी होंगे.