चंडीगढ़: पंजाब में झुग्गियों में रहने वाले और विरासत में मिले जमीन के छोटे टुकड़े पर गुजारा करने वाले लोग अब भूमि स्वामित्व अधिकार के योग्य होंगे. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पंजाब झुग्गीवासी (मालिकाना अधिकार) अधिनियम -2020 को अधिसूचित करने को मंजूरी दी गई ताकि झुग्गीवासियों को जमीन का मालिकाना हक मिल सके और उनके लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें. Also Read - School Reopening Latest News: इस राज्य में 15 अक्टूबर से फिर से खुलेंगे स्कूल और कोचिंग संस्थान, सरकार ने इसको लेकर बनाई ये प्लान

मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय शासन विभाग ने पहले ही ‘बसेरा-मुख्यमंत्री झुग्गी बस्ती विकास कार्यक्रम’ तैयार कर लिया है जो स्थानीय निकायों को कानून लागू करने के लिए निर्देशात्मक खाका मुहैया कराता है. Also Read - CM अमरिंदर सिंह का बड़ा ऐलान, नए कृषि कानूनों को लेकर उच्चतम न्यायालय जाएगी पंजाब सरकार

प्रवक्ता ने बताया कि इस कार्यक्रम में समावेशी और बराबरी वाले शहरों के साथ ‘झुग्गी मुक्त पंजाब’ का विचार प्रस्तुत किया गया है जिसमें सभी नागरिकों तक मूलभूत नागरिक सुविधाओं, सामाजिक सुविधाओं के साथ सम्मानजनक आश्रय की पहुंच हो. Also Read - पंजाब सरकार ने 12वीं के छात्रों को मुफ्त में बांटे स्मार्टफोन, 3 साल से अधिक समय बाद शुरू की गई यह स्कीम  

राज्य में कृषि भूमि के कब्जे वाले लोगों की कुछ श्रेणियों को मालिकाना हक देने के लिए मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब भोंदेदार, भूटेमार, दोहलीरदार, इनसार, मियादी, मुकर्ररीदार, मुधीमार, पनही कदिम, सौंजीदार या तारधक्कड़ (मालिकाना हक) विधेयक-2020’ को मंजूरी दे दी.

प्रवक्ता ने बताया कि इन श्रेणियों में करीब 11,231 लोगों के पास करीब चार हजार एकड़ निजी जमीन का कब्जा है और उन्हें जल्द ही सरकार द्वारा अधिसूचित श्रेणी के हिसाब से मुआवजा देने के बाद मालिकाना हक दिया जाएगा.