चंडीगढ़ः पंजाब सरकार ने राज्य में हुक्काबारों के संबंध में हर दो माह में अस्थायी आदेश जारी करने के बजाय सोमवार को उन्हें स्थायी तौर पर प्रतिबंधित करने का फैसला किया. मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में तम्बाकू उत्पादों के उपयोग से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद ( व्यापार और वाणिज्यिक उत्पादन, आपूर्ति और वितरण के विज्ञापन और विनियमन का निषेध) कानून( सीओटीपीए), 2003 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. Also Read - कानपुर में शहीद हुए सीओ के परिजन बोले- विकास दुबे को मौत से बचाया गया, अफसर, नेता, अपराधी जब...

एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने यह कदम हुक्का पीने और युवाओं में तंबाकू के विभिन्न उत्पादों के उपयोग पर काबू पाना करना है. उन्होंने बताया कि कानून में प्रस्तावित संशोधन विधानसभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और यदि इसे सदन की मंजूरी मिलती है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिये भेजा जाएगा.

इसके अलावा, अब मुख्यमंत्री समेत विधानसभा के सभी सदस्य अपना इनकम टैक्स खुद देंगे. अब तक इनका इनकम टैक्स सरकार पे कर रही थी. मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक्ट में संशोधन को मंजूरी दे दी है. बैठक में सरकार ने अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने संबंधी बिल विधानसभा के बजट सत्र में पेश किए जाने को भी हरी झंडी दे दी. इसके साथ ही प्रदेश में नौकरी करने वाले एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रबोशन पीरियड से ही पूरा वेतन देने के फैसले पर मुहर लगा दी गई है.