लुधियाना (पंजाब): थलसेना भर्ती कार्यालय, लुधियाना ने पिछले साल सितंबर में कथित तौर पर फर्जी तरीकों के जरिए सेना में भर्ती हुए 42 रंगरूटों की पहचान की है. पंजाब के रूपनगर में इस साल 19 जनवरी को इस सिलसिले में दलालों के एक गिरोह को गिरफ्तार किया गया है.

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ये लोग लुधियाना और रूपनगर जिलों के तहसीलदारों/ उप तहसीलदारों की फर्जी मुहर और सील अवैध रूप से रखे हुए थे. एक आधिकारिक बयान में रविवार को कहा गया कि ये दलाल इनका इस्तेमाल रंगरूटों के निवास प्रमाण पत्र का सत्यापन में करते थे.

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बयान में कर्नल विशाल दूबे, निदेशक (भर्ती), एआरओ, लुधियाना ने कहा कि एआरओ कार्यालय का एक सिविल डिफेंस कर्मचारी भी इसमें संलिप्त था. इस सिलसिले में एक फरवरी 2019 को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया. कर्नल दूबे ने इस सिलसिले में उचित कार्रवाई के लिए असैन्य प्रशासन वरिष्ठ अधिकारियों को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने इन रंगरूटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है.