चंडीगढ़: शिक्षा समुदाय की लंबे अरसे से लंबित मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता वाली पंजाब कैबिनेट ने बुधवार को पूर्ण वेतनमान के साथ 5,178 सरकारी शिक्षकों की सेवा एक अक्टूबर 2019 से नियमित करने की मंजूरी दे दी. कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग की 650 नर्सो को भी परिवीक्षा नियमानुसार नियमित कर दिया. संविदा पर काम करने वाली ये नर्सें कुछ समय से मूल वेतन पर उन्हें नियमित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही थीं. Also Read - सरकार किसान यूनियनों से बात के लिए तैयार, राजनीतिक दल पॉलिटिक्‍स न करें: केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर

शिक्षकों को उनकी परिवीक्षा अवधि पूरी होने की तिथि से वरिष्ठता के मुताबिक रखा जाएगा. इन शिक्षकों को वर्तमान में साढ़े सात हजार रुपए का भुगतान किया जाता है. उन्हें जब तक पूर्ण वेतनमान नहीं मिलता तब तक के लिए उन्हें अब न्यूनतम ग्रेड पे 15,300 रुपए प्रति महीने मिलेगा. Also Read - Kisan Andolan Latest Update: ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पंजाब से निकले और किसान, 50,000 से ज्यादा बताई जा रही संख्या

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता के मुताबिक, कैबिनेट ने यह भी फैसला किया कि जिन शिक्षकों की भर्ती 2014, 2015 और 2016 के दौरान हुई थी, उन्हें उनकी दो साल की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद पूर्ण वेतनमान के साथ नियमित किया जाएगा. कैबिनेट ने परिवीक्षा अवधि तीन से घटाकर दो साल कर दी है. Also Read - Kisan Andolan Punjab Haryana Today: बुराड़ी में प्रदर्शन की अनुमति मिलने के बावजूद किसान सिंघु बॉर्डर पर डटे, पुलिस ने हटाए बैरिकेड्स

शिक्षकों को उनकी परिवीक्षा अवधि पूरी होने की तिथि से वरिष्ठता के मुताबिक रखा जाएगा. इन शिक्षकों को वर्तमान में साढ़े सात हजार रुपए का भुगतान किया जाता है. उन्हें जब तक पूर्ण वेतनमान नहीं मिलता तब तक के लिए उन्हें अब न्यूनतम ग्रेड पे 15,300 रुपए प्रति महीने मिलेगा.