चंडीगढ़: देश की 4 लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए तो परेशानी खड़ी कर रहे हैं लेकिन इसके साथ ही पंजाब की शाहकोट विधानसभा सीट पर हुआ उपचुनाव आम आदमी पार्टी (आप) के लिए भी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है. शाहकोट विधानसभा सीट पर पहले अकाली दल का विधायक था लेकिन अकाली दल के विधायक अजीत सिंह कोहाड़ के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी और इस पर उपचुनाव हुआ है. आप के लिए चिंता की बात ये है कि उसे पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान इस सीट पर जितने वोट मिले थे इस बार उतने वोट मिलना तो दूर पार्टी उपचुनाव में इस सीट पर अपनी जमानत भी नहीं बचा पाई.

आप उम्मीदवार की जमानत जब्त
आम आदमी पार्टी के लिए ये उपचुनाव पंजाब में खतरे की घंटी है, उपचुनाव के नतीजे ने साबित कर दिया है कि पंजाब में पार्टी की लोकप्रियता तेजी से घट रही है. पिछले साल हुए पंजाब विधानसभा चुनाव में शाहकोट सीट पर आप के उम्मीदवार डॉ अमरजीत सिंह को 41,010 वोट मिले थे लेकिन इस साल उपचुनाव में मैदान में उतारे गए रतन सिंह 2000 वोट भी नहीं पा सके. रतन सिंह को केवल 1900 वोट हासिल मिले और उनकी जमानत तक जब्त हो गई.

कांग्रेस की बड़ी जीत
पंजाब में सत्ताधारी कांग्रेस ने शाहकोट सीट पर कब्जा कर दिखा दिया कि लोग फिलहाल उसके पक्ष में हैं. कांग्रेस उम्मीदवार हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया ने अकाली दल के गढ़ में बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. शाहकोट विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया को 82,745 वोट मिले हैं जबकि दूसरे नंबर पर रहे उनके प्रतिद्वंद्वी अकाली दल के नायब सिंह कोहर को 43,944 वोट मिले हैं. तीसरे नंबर पर रहे आप के उम्मीदवार रतन सिंह को 1,900 वोट ही मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई.

20 साल से था अकाली का कब्जा
शाहकोट विधानसभा सीट पर पिछले 20 साल से अकाली दल का कब्जा था. अकाली नेता अजीत सिंह कोहाड़ इस सीट से लगातार पांच बार से चुनाव जीत रहे थे. ऐसे में कांग्रेस का इस सीट पर जीतना अकाली दल के किले में सेंध लगाने जैसा है. शिरोमणी अकाली दल ने कोहाड़ के बेटे नायब सिंह कोहाड़ को मैदान में उतारा था लेकिन पार्टी का यह सहानुभूति कार्ड नहीं चला और लोगों ने कांग्रेस को मौका दिया.