नई दिल्ली. देश में यमुना एक्सप्रेसवे की चर्चा होती है, लखनऊ आगरा हाइवे की चर्चा होती है, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की भी बात होती है लेकिन आने वाले वक्त में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा हाइवे होगा. यूपी में पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे बनवाया, इससे पहले मायावती की सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे बनाया था और अब योगी सरकार लखनऊ से गाजीपुर तक देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे बनाने की तैयारी कर रही है. इसे ‘पूर्वांचल एक्सप्रेस वे’ नाम दिया गया है.Also Read - IND vs ENG Live Cricket Score, T20 World Cup 2021: विश्व कप की तैयारियां परखने उतरेगी टीम इंडिया

लखनऊ से गाजीपुर के 353 किलोमीटर लंबी इस रोड परियोजना की लागत करीब 25 हजार करोड़ रुपए आने का अनुमान है. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा. इस एक्सप्रेसवे की खासियत ये होगी कि ये सभी बाजारों के नजदीक से होकर गुजरेगा. इसका फायदा ये होगा कि आप कहीं भी जाम में नहीं फसेंगे. Also Read - Terrorism in Kashmir: कश्मीर में बढ़ती आतंकी घटनाओं के खिलाफ अमेरिका में प्रदर्शन, जमकर लगे नारे

यह एक्सप्रेस वे 6 लेन का होगा, जिसे बाद में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसकी मदद से लखनऊ से गाजीपुर की यात्रा साढ़े 4-5 घंटे में पूरी होगी. जानकारी के मुताबिक पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को अयोध्या, इलाहाबाद, वाराणसी और गोरखपुर से लिंक रोड से जोड़ा जाएगा. लिंक रोड का निर्माण यूपी का लोकनिर्माण विभाग या NHAI कर सकता है. आइए जानते हैं इस एक्सप्रेसवे की खास बातें- Also Read - आर्मी ने चीन की हरकत पर नजर रखने LAC पर इजराइली ड्रोन Heron Mark-I UAV से बढ़ाई निगरानी

– पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ से गाजीपुर तक बनेगा

– लगभग 353 किलोमीटर लंबा होगा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

– दिल्ली से गाजीपुर की दूरी होगी कम, सफर होगा आसान

– यूपी की राजधानी लखनऊ से पूर्वी यूपी के गाजीपुर को जोड़ेगा

– लखनऊ के चंदसराय गांव से शुरू होगा एक्सप्रेसवे और गाजीपुर के हैदरिया गांव तक बनेगा.

– लखनऊ से गाजीपुर की यात्रा एक्सप्रेसवे बनने के बाद साढ़े 4-5 घंटे में पूरी होगी.

– पूर्वांचल एक्सप्रेस वे लखनऊ, बाराबंकी, फैज़ाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आज़मगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा

– ये 6 लेन का एक्सप्रेस वे होगा, जो कि 8 लेन तक बढ़ सकेगा.

– टोटल एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा.

– लगभग 17, 000 करोड़ की लागत से बनकर तैयार होगा एक्सप्रेसवे

– इस एक्सप्रेस वे को अयोध्या, इलाहाबाद, वाराणसी और गोरखपुर से लिंक रोड के माध्यम से जोड़ा जाएगा, लिंक रोड का निर्माण यूपी का लोकनिर्माण विभाग या NHAI कर सकता है.

– पूर्वांचल एक्सप्रेस वे में आजमगढ़ से गोरखपुर के लिए नया लिंक एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा, जो कि लगभग 100 Km का लिंक एक्सप्रेस वे होगा, जो योगी के गृह जनपद को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा.

– यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण कार्य की शुरुआत बजट सत्र के बाद कर सकते हैं. पीएम मोदी के हाथों हो सकता है एक्सप्रेस वे का शिलान्यास.

– 2 साल 6 महीने में एक्सप्रेस वे का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है

हालांकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट था. अखिलेश यादव ने अक्टूबर 2015 में DPR को कैबिनेट से मंजूरी दी थी. फरवरी 2016 में अखिलेश यादव ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपये का बजट दिया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास अखिलेश यादव ने दिसंबर 2016 में किया था और लगभग 60% ज़मीन अधिग्रहण का काम एसपी सरकार के कार्यकाल में हो गया था.

मई 2017 में योगी सरकार ने एसपी सरकार के टेंडर को निरस्त कर दिया. जमीन अधिग्रहण का काम अभी भी चल रहा है. लखनऊ में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर हाल में बैठक हुई, जिसमें रास्ते में पड़ने वाले गांव, स्कूल, बिजली के खंभे, आदि को विस्थापित करने को लेकर चर्चा की गई.