ट्रक के नीचे नकली डीजल टैंक.., पुष्पा स्टाइल में Smuggling, 25 लाख रुपये की ड्रग्स जब्त

छिपाने की यह तकनीक जानबूझकर इसलिए अपनाई गई थी ताकि पुलिस को यकीन हो जाए कि यह स्ट्रक्चर सिर्फ़ गाड़ी के फ्यूल सिस्टम का हिस्सा है.

Published date india.com Published: January 8, 2026 9:58 AM IST
पढ़िए क्या है पूरा मामला
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तेलुगू एक्शन ड्रामा फिल्म के किरदार पुष्पा की तरह अवैध तस्करी करते हुए लोगों को पुलिस ने पकड़ा और स्मगलिंग ऑपरेशन का भंडाफोड़ किया. ये मामला मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले में तेजाजी नगर इलाके में सामने आया, जब पंजाब के एक स्मगलर को यहीं गिरफ्तार किया. वह अपने ट्रक के नीचे बने कस्टम-मेड, नकली डीज़ल टैंक का इस्तेमाल करके राज्यों की सीमाओं के पार ड्रग्स की तस्करी कर रहा था. पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक ट्रक में गाड़ी के स्ट्रक्चर में बदलाव करके छिपाकर ड्रग्स की बड़ी खेप ले जाई जा रही है. मध्य प्रदेश से पंजाब में बड़े पैमाने पर ड्रग्स की तस्करी हो रही थी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, टीमों ने रोड ब्लॉक लगाया और गाड़ी को रोका. इस दौरान का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें दिख रहा है कि जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ट्रक के चेसिस के नीचे एक नकली डीज़ल टैंक बनाया गया था. इस स्ट्रक्चर को बिल्कुल फ्यूल टैंक जैसा दिखने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन असल में यह एक खोखला चैंबर था जिसका इस्तेमाल ड्रग्स छिपाने के लिए किया जाता था.

जब टैंक खोला गया, तो पुलिस ने 87 किलोग्राम प्रतिबंधित अफीम की भूसी बरामद की. डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) कृष्णलाल चंदानी ने बताया कि जब्त की गई ड्रग्स की अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग 25 लाख रुपये है.

DCP चंदानी ने कहा, “यह बहुत ही चालाकी से किया गया बदलाव था. बाहर से देखने पर यह एक सामान्य डीज़ल टैंक जैसा लग रहा था. किसी को शक नहीं होता कि इसमें ड्रग्स छिपाई गई हैं.”

ट्रक ड्राइवर पंजाब के जालंधर ज़िले का

ट्रक ड्राइवर की पहचान बुट्टा सिंह के रूप में हुई, जो पंजाब के जालंधर ज़िले का रहने वाला है. पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि वह यह खेप मध्य प्रदेश के अगर ज़िले से पंजाब ले जा रहा था. आरोपी पहली बार अपराध नहीं कर रहा है और उसके खिलाफ 2016 में NDPS एक्ट के तहत ड्रग्स तस्करी से जुड़ा एक मामला पहले से दर्ज है.

पुलिस अब इस ऑपरेशन के पीछे के बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है, पता लगाया जा रहा है ड्रग्स किसने सप्लाई की, ट्रांसपोर्ट का खर्च किसने उठाया, और पंजाब में यह खेप किसे मिलनी थी. अधिकारियों का मानना ​​है यह कोई अकेला मामला नहीं था, बल्कि एक बड़े अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का हिस्सा था. यह गिरफ्तारी तो बस हिमशैल का सिरा है. अब हम सप्लायर, बिचौलिए और रिसीवर की पूरी चेन का पता लगा रहे हैं.”

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