लखनऊ: उत्तर प्रदेश के झांसी में पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर (Pushpendra Yadav Encounter Case) मामले में सियासत तेज हो गई है. प्रगतिशील सामजवादी पार्टी (लोहिया) के बाद अब आज समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) झांसी गए हैं. इससे पहले सपा के ट्विटर हैंडल और झांसी पुलिस (Jhansi Police) प्रशासन के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया है. झांसी पुलिस ने सोमवार को ट्वीटर पर लिखा है, “कृपया ध्यान दें – पुष्पेंद्र प्रकरण में भ्रामक खबर, अफवाह न फैलाएं. अन्यथा अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जाएगी. झांसी के डीएम के आदेशानुसार मजिस्ट्रीरियल जांच के आदेश दिए गए हैं. अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जनपद झांसी द्वारा मजिस्ट्रीरियल जांच की जा रही है.”

सपा (Samajwadi Party) ने पलटवार करते हुए ट्वीट किया, “पुष्पेंद्र यादव की निर्मम हत्या के आरोपों में घिरी ‘हत्या प्रदेश’ की पुलिस अब ट्विटर पर भी दमनकारी रूप दिखा रही है. मृतक और उसके शोकाकुल परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए उठ रही आवाजों को कहां तक दबाएगी सरकार? शर्मनाक.” इससे पहले मंगलवार को प्रगतिशील सामजवादी पार्टी (लोहिया) अध्यक्ष शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव और वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान करने वाले तेज बहादुर सिंह यादव ने विरोध दर्ज कराया था.

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बता दें कि 5 अक्टूबर को झांसी के मोंठ में पुष्पेंद्र यादव नाम के शख्स का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था. पुष्पेंद्र (29) खनन के काम से जुड़ा हुआ था. गुस्साए परिजनों ने जब न्याय की मांग को लेकर पुष्पेंद्र का शव लेने से इंकार कर दिया, इसके बाद पुलिस ने खुद ही पुष्पेंद्र का अंतिम संस्कार कर दिया. और इसकी परिजनों को जानकारी तक नहीं दी. एनकाउंटर को लेकर झांसी पुलिस का कहना था कि पुष्पेंद्र यादव ने पुलिस पर पहले गोली चलाई, इसके बाद पुलिस ने अपने बचाव में गोली चलाई, इससे पुष्पेंद्र की मौत हुई. खनन को लेकर पुलिस कार्रवाई करना चाह रही थी. और पुष्पेंद्र पुलिस से उलझ रहा था. वहीं, पुष्पेंद्र की पत्नी का आरोप है कि पुष्पेंद्र द्वारा झांसी पुलिस को खनन के एवज में डेढ़ लाख रुपए दिए जा चुके थे, इसके बाद भी पुलिस और रुपए मांग रही थी. रिश्वत नहीं देने पर पुलिस ने पुष्पेंद्र को गोली मार दी.

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इस मामले को लेकर बढ़ती सियासत और विरोध प्रदर्शन के बीच अखिलेश यादव झांसी पहुंचे. उन्होंने पुष्पेंद्र के परिजनों से मुलाकात की. इससे पहले अखिलेश ने कहा कि विजयदशमी की सुबह से पहले रात के अंधेरे में झांसी में सत्ता की ताकत झोंककर पुष्पेन्द्र यादव का अंतिम संस्कार कर सरकार ने न्याय की चिता जलाई है. परिवारीजन और स्थानीय जनता मांग कर रही थी कि फर्जी एनकाउंटर करने वाले दारोगा धर्मेन्द्र सिंह के खिलाफ भी धारा 302 में रिपोर्ट लिखी जाए तभी पुष्पेन्द्र के शव को लिया जाएगा. इस बीच खुद ही पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया. और फिर पुष्पेंद्र को न्याय देने के बजाय उलटा उनके शोकाकुल परिजनों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं.

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