नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि ‘‘क्वाड’’ या चतुभुर्जीय गठबंधन के अंतर्गत भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का आना बदलते समय के अनुरूप उठाया गया कदम है तथा यह बहुध्रुवीय विश्व के उभरते परिदृश्य का प्रतिबिंब है. जयशंकर ने कहा कि शक्ति के भूराजनीतिक संतुलन में प्रत्येक प्रतिबिंब और आयाम अपनी खुद की सोच और रणनीति उत्पन्न करते हैं तथा भारत समूचे दृष्टिकोण में अपनी अनुरूपता कायम रखते हुए विभिन्न स्थितियों में विभिन्न प्रकार से स्वयं को अभिव्यक्त करेगा. Also Read - केरल, महाराष्‍ट्र, दिल्‍ली राजस्‍थान समेत देश के कई राज्‍यों में कोरोना वायरस का प्रचंड प्रकोप, पढ़ेंं डिटेल

पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया (पीएएफआई) द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन सम्मेलन में ‘क्वाड’ से संबंधित सवालों के जवाब में जयशंकर ने कहा, ‘‘यह समय के अनुरूप उठाया गया कदम है और हमारे सामने एक अधिक बहुध्रुवीय दुनिया तथा एक अधिक बिखरा हुआ विश्व होगा, देशों के ये विशेष संगठन हैं जो मिलकर काम करेंगे.’’ Also Read - भारत ने US से लीज पर लिए बेहद खतरनाक Predator Drones, चीन से निपटने को LAC पर हो सकती है तैनाती

शीतयुद्ध की अवधि और पश्चिमी प्रभुत्व के दौर सहित पिछले कुछ दशकों में वैश्विक शक्ति समीकरण में बदलते आयामों के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि चीन का उभार एक बड़ा भूराजनीतिक घटनाक्रम है. Also Read - Chinese APP पर बैन से व्‍यथित चीन, भारत से सामान्य ट्रेड रिश्‍ते बहाल करने का किया आग्रह

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘विश्व एक अधिक बहुध्रुवीय दुनिया की ओर बढ़ रहा है. इसका अर्थ है कि कई और देश हैं जो परिणामों को प्रभावित करने और आकार देने की क्षमता रखते हैं तथा इसका एक उदाहरण यह है कि अमेरिका की स्थिति एवं शक्ति में अपेक्षाकृत बदलाव होते रहे हैं. चीन का उभार हमारे जीवनकाल का एक बड़ा भूराजनीतिक घटनाक्रम है.’’ उन्होंने कहा कि बहुध्रुवीय विश्व अपना खुद का तर्क गढ़ेगा.

जयशंकर ने कहा, ‘‘अंतर्निहित विचार एक दृढ़ भारत है. स्वतंत्र भारत स्वयं को बहुत ही अलग तरीके से अभिव्यक्त करेगा और क्वाड जैसे उदाहरण में आज यह दिखता है. क्वाड एकमात्र उदाहरण नहीं है जहां चार देशों ने इसे साझा हितों के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए उपयोगी पाया है.’’

(इनपुट भाषा)