नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) छह प्रतिशत बढ़ाकर 1,840 रुपये प्रति क्विन्टल निर्धारित किया और रबी की अन्य फसलों के एमएसपी में 21 प्रतिशत तक की वृद्धि करने की घोषणा की. इस कदम से किसानों को जाड़े के मौसम में बोई जाने वाली फसलों के लिए 62,635 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है. उम्मीद है कि इससे खेती की लागत ऊंची होने और बिक्री से प्राप्ति नीची रहने की किसानों की शिकायत कुछ कम करने में मदद मिलेगी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली आथिर्क मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने रबी की छह फसलों का एमएसपी बढ़ाए जाने के प्रस्तावों को मंजूरी दी. विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस फैसले से किसानों को 62,635 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.

यह फैसला समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने और कृषि रिण माफी की मांग को लेकर दिल्ली और आस पास के इलाके में किसानों के प्रदर्शन के ठीक बाद आया है. कुछ माह पूर्व सरकार ने किसानों को उनकी उत्पादन की लागत के डेढ़ गुना के बराबर मूल्य दिलाने के अपने वायदे को पूरा करने के लिए खरीफ की फसलों के समर्थन मूल्य बढ़ाए थे. सरकार कुछ राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों तथा अगले वर्ष के आम चुनाव से पहले किसानों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है.

कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि रबी की सभी फसलों की एमएसपी उनकी उत्पादन लागत के 50 से लेकर 112 प्रतिशत तक है. गेहूं का एमएसपी 105 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर इसे 1,840 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है. जौ का एमएसपी 30 रुपये प्रति क्विन्टल बढ़ाकर 1,440 रुपये प्रति क्विन्टल और जबकि चना का एमएसपी 220 रुपये बढ़ाकर 4,620 रुपये प्रति क्विन्टल किया गया है. मसूर का एमएसपी को 225 रुपये बढ़ाकर 4,475 रुपये प्रति क्विन्टल किया गया है जबकि सरसों का समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 4,200 रुपये प्रति क्विन्टल तथा सूरजमुखी का समर्थन मूल्य 845 रुपये बढ़ाकर 4,945 रुपये प्रति क्विन्टल किया गया है.

अपनी खाली जमीन और खुली छतों को कमर्शियली विकसित कर सकेगा रेलवे, सरकार ने दी मंजूरी

एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘किसानों के अनुकूल यह पहल किसानों को उनकी फसल का मूल्य उसकी उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत ऊंचा दिलाने की सरकार की घोषणा के अनुरूप है. अधिसूचित फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को 62,635 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी तथा यह किसानों की आय को दोगुना करने में मददगार साबित होगा.’’

बिहार में कानून-व्‍यवस्‍था पर उपेंद्र कुशवाहा ने फिर दिखाए तेवर, कहा राज्‍य में कहीं ‘नोटा’ को ही न बहुमत मिल जाए

गेहूं के संदर्भ में उत्पादन की लागत 866 रुपये प्रति क्विन्टल तथा एमएसपी 1,840 रुपये प्रति क्विन्टल है जो लागत का 112.5 प्रतिशत बनता है. चना के मामले में एमएसपी, उत्पादन लागत से 75 प्रतिशत अधिक है. मसूर का समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से 76.7 प्रतिशत अधिक है जबकि सरसों का एमएसपी उत्पादन लागत से कहीं 90 प्रतिशत अधिक है. जौ के लिए, उत्पादन लागत 860 रुपये है और एमएसपी 1440 रुपये है, जिससे किसानों को 67.4 प्रतिशत आय की प्राप्ति होगी. सूरजमुखी के मामले में एमएसपी को उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत अधिक तय किया गया है.

किसानों को नहीं मंजूर सरकार के आश्‍वासन, दिल्‍ली-उप्र की सीमा पर जमे

एमएसपी को कृषि सलाहकार निकाय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के अनुसार बढ़ाया गया है. एक सरकारी बयान में कहा गया, “सरकार द्वारा घोषित नई प्रमुख योजना ‘प्रधान मंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान ‘(पीएम-आशा) एक मजबूत तंत्र को उपलब्ध कराया गया है ताकि किसानों को पूरा का पूरा एमएसपी की प्रप्ति हो सके.” इस ‘अम्ब्रेला’ योजना में प्रायोगिक तौर पर तीन उप-योजनाएं अर्थात मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस) और निजी खरीद और स्टॉकिस्ट योजना (पीपीएसएस) शामिल किया गया है. इसमें कहा गया है, ‘‘सरकार ने 16,550 करोड़ रुपये की अतिरिक्त गारंटी देने का फैसला किया है, जिससे कुल सरकारी गारंटी 45,550 करोड़ रुपये हो गई है. इसके अलावा, खरीद अभियान के लिए बजट प्रावधान भी बढ़ाया गया है और पीएम-आशा के कार्यान्वयन के लिए 15,053 करोड़ रूपये मंजूर किए गए हैं.”

किसानों को देर रात मिली दिल्ली में एंट्री, आंदोलन खत्म, गाजियाबाद में आज स्कूल-कॉलेज बंद

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और नाफेड जैसे केंद्रीय और राज्य खरीद एजेंसियां किसानों को रबी फसलों के लिए मूल्य समर्थन प्रदान करना जारी रखेगी. कृषि क्षेत्र में संकट का समाधान करने के लिए, सरकार ने जुलाई में धान एमएसपी को रिकॉर्ड 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया था तथा अन्य खरीफ (ग्रीष्म ऋतु) फसलों में भारी वृद्धि की थी. पिछले महीने, किसानों को एमएसपी सुनिश्चित करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये की योजना की घोषणा की गई थी.