
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
Radhika Yadav Murder: राधिका यादव मर्डर केस ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. एक आत्मनिर्भर लड़की, जिसे अपने ही पिता ने मौत के घाट उतार दिया, अब उसकी करीबी दोस्त ने इस मामले से जुड़ा एक दर्दनाक और चौंकाने वाला सच सामने लाया है. दोस्त के मुताबिक राधिका के कपड़े पहनने का अंदाज, लड़कों से बात करना और अपने मन की जिंदगी जीने की कोशिश उसके पिता को बर्दाश्त नहीं थी. ‘लव जिहाद’ जैसे शब्दों के सहारे उसे बदनाम किया गया, शर्मिंदा किया गया और आखिर में उसकी जिंदगी छीन ली गई.
दरअसल, गुरुग्राम में 25 साल की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की चौंकाने वाली हत्या के तीन दिन बाद, उनकी सबसे अच्छी दोस्त और साथी एथलीट हिमांशिका सिंह राजपूत ने राधिका के पिता दीपक यादव पर सालों तक भावनात्मक शोषण और नियंत्रणकारी व्यवहार करने का आरोप लगाया है, जिसके कारण उसकी हत्या हुई. हिमांशिका ने इंस्टाग्राम पर दो वीडियो शेयर किए है. उसने अपनी दोस्ती और टेनिस खिलाड़ी की मौत के कारणों के बारे में भावनात्मक रूप से बात की.
उसकी दोस्त ने कहा, ‘मैं उसके अंतिम संस्कार में गई, वहां जाके पता लगा कि उसके पापा 3 दिनों से उसका मर्डर प्लान कर रहे थे. वो नई रिवॉल्वर लेके आए थे. मां को दूसरे कमरे में रखा और भाई को बाहर भेज दिया था. उसके पिता ने अपने दोस्तों की 4 बातों में आके गोली चलाई. वो 4 बाते थी ये मेक उप करने लगी है, छोटे कपड़े पहनने लगी है, अब तू इसके पैसे पे पलने लग गया है, तू इसको अब धंधा करवा दे.’
हिमांशिका ने कहा, ‘जो इंसान रील बनाता है उसका अकाउंट प्राइवेट क्यों होगा. उसके अकाउंट में सिर्फ 68 लोग है. लास्ट रील उसने 23 मार्च 2024 को डाली थी. राधिका यादव बहुत शरीफ लड़की थी और कुछ बड़ा करना चाहती थी.’
हिमांशिका ने एक क्लिप के कैप्शन में लिखा, ‘मेरी सबसे अच्छी दोस्त राधिका की हत्या उसके अपने पिता ने की. उन्होंने उसे पांच गोलियां मारी थीं. चार गोलियां उसे लगीं. उसने सालों तक अपनी लगातार आलोचना और नियंत्रण से उसका जीना दुश्वार कर दिया था. आखिरकार, उसने अपने दोस्तों की बात मान ली जो उसकी सफलता से जलते थे. उसने आरोप लगाया कि राधिका के माता-पिता उसके कपड़ों और दोस्ती के चुनाव को लेकर उसे शर्मिंदा करते थे.
हिमांशिका ने कहा, ‘वे उसे आजाद नहीं देख सकते थे. उसे शॉर्ट्स पहनने, लड़कों से बात करने और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने के लिए शर्मिंदा करते थे. राधिका ने एक सफल टेनिस करियर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी और अपनी अकादमी भी शुरू की थी. उसकी दोस्त ने बताया कि पिछले कुछ सालों में राधिका पर पाबंदियां बढ़ती ही गईं. उसे हर चीज की सफाई देनी पड़ती थी. वीडियो कॉल पर भी, उसे अपने माता-पिता को दिखाना पड़ता था कि वह किससे बात कर रही है.
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