लखनऊ: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की करीबी मानी जानें वाली रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुलाये गये उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लिया. हालांकि उनकी पार्टी ने इस सत्र का बहिष्कार किया है. उन्होंने बुधवार से शुरू हुए 36 घंटे चलने वाले विशेष सत्र में हिस्सा लिया और अपनी बात भी रखी. विपक्षी पार्टियों समाजवादी पार्टी, बसपा, कांग्रेस, एसबीएसजे ने इस सत्र का विरोध किया है और उनका दावा है कि राज्य सरकार सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए ऐसा कर रही है.

जब अदिति से विपक्षी पार्टी के बहिष्कार के बाद भी सदन में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘ अगर आपने मेरा भाषण सुना होगा तो मैंने सिर्फ विकास और सतत विकास लक्ष्य के बारे में चर्चा की. मैं अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए राजनीति करती हूं. मुझे जो सही लगता है, मैं करती हूं.’’ इस दौरान अदिति सिंह ने केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फैसले का समर्थन भी किया.

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उन्होंने कहा कि वह सदन में आईं और चर्चा में हिस्सा लिया क्योंकि उन्हें ऐसा करना सही लगा. जब उनसे पार्टीलाइन का उल्लंघन करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘ मैं पार्टी लाइन से ऊपर उठी और विकास पर बात करने की कोशिश की…यह मेरी पहली और शीर्ष प्राथमिकता है.’’

सिंह से जब पार्टी द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘ यह पार्टी का निर्णय होगा और पार्टी जो भी निर्णय लेगी मैं उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूं.’’ बता दें कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुधवार को कांग्रेस ने देशभर में पदयात्रा निकाली. लखनऊ में प्रियंका गांधी ने भी पदयात्रा निकाली लेकिन अदिति सिंह उसमें भी शामिल नहीं हुईं थीं.

(इनपुट भाषा)