नई दिल्लीः रायबरेली के मॉडर्न कोच कारखाने के निगमीकरण से जुड़े संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी के आरोप पर पलटवार करते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि निगमीकरण पर कांग्रेस की दोहरी नीति है. उन्होंने लोकसभा में और ट्वीट कर इस कोच फैक्ट्री की वास्तविक स्थिति की जानकारी दी. दरअसल, लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कोच कारखाने का मुद्दा फिर से उठाया. इस पर गोयल ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने रायबरेली के कारखाने की सिर्फ घोषणा की थी, जबकि मोदी सरकार ने इसमें काम शुरू करवाया. गोयल ने कहा कि निगमीकरण को लेकर कांग्रेस की दोहरी नीति है. उन्होंने इस दौरान सदन में मौजूद यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी नाम लिया.

उन्होंने कहा कि संप्रग की पहली सरकार के वित्त मंत्री ने बजट में रेलवे में विनिवेश और निजीकरण की बात की थी. रेल मंत्री ने कहा कि जिस रेलवे कोच कारखाने की बात की गई उसकी घोषणा 2008 में की गई थी और 2014 तक कुछ नहीं हुआ. मोदी सरकार आने के बाद इसमें काम आरंभ हुआ. पिछले साल ही ही कारखाने में 1422 कोच का विनिर्माण किया गया.

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने मंगलवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सरकार पर रेलवे की ‘बहुमूल्य संपत्तियों को निजी क्षेत्र के चंद हाथों को कौड़ियों के दाम पर बेचने’ का आरोप लगाया और इस बात पर अफसोस जताया कि सरकार ने निगमीकरण के प्रयोग के लिए रायबरेली के मॉडर्न कोच कारखाने जैसी एक बेहद कामायाब परियोजना को चुना है. उन्होंने निगमीकरण को निजीकरण की शुरुआत करार दिया. बाद में रेलवे ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कारखाना सरकार के नियंत्रण में रहेगा.

(इनपुट-भाषा)