नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में राफेल डील पर भी चर्चा हो सकती है. सदन की कार्यमंत्रणा समिति ने इसे कार्यसूची में शामिल किया है. आने वाले दिनों में लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक एवं तीन अध्यादेश सदन की मंजूरी के लिये रखे जा सकते हैं. साथ ही प्राकृतिक आपदा, कृषि संकट, संघीय ढांचे के मुद्दे, बेरोजगारी, सीबीआई जैसी संस्थाओं के स्वायत्तता के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है. Also Read - Prashant Kishor Audio Viral: प्रशांत किशोर ने पहले कहा- BJP नहीं जीतेगी, अब बोले- PM मोदी बंगाल में लोकप्रिय, लेकिन ममता...

Also Read - Cooch Behar Firing: ममता बनर्जी ने CRPF पर लगाया फा‍यरिंग का आरोप, केंद्रीय बल ने साफ कहा- घटना से हमारा कोई संबंध नहीं

सूत्रों ने बताया कि बुधवार को हुई लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस बारे में सहमति बनी. सरकारी कार्यों के तहत कार्यसूची में डीएनए प्रौद्योगिकी (प्रयोग और लागू होना) विनियमन विधेयक 2018, मानव अधिकार संरक्षण संशोधन विधेयक 2018, स्वीय विधि संशोधन विधेयक 2018 और बांध सुरक्षा विधेयक 2018 को चर्चा के बाद पारित कराने का विचार किया गया है. Also Read - Assembly Elections 2021 Updates: कूच बिहार में फायरिंग की घटनाओं में 4 लोगों की मौत, 4 घायल

अखिलेश का सीएम योगी पर तंज, दूसरे भगवानों की भी जाति बता देते तो हम कुछ मांग लेते

लोकसभा में बुधवार को बांध सुरक्षा विधेयक पेश किया गया जिसमें बांधों की विफलता से संबंधित आपदाओं के निवारण के लिए चिह्नित बांधों की निगरानी, निरीक्षण आदि का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा निचले सदन में तीन तलाक संबंधी ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश’ 2018, भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (संशोधन) अध्यादेश, 2018 और प्रख्यापित कंपनी (संशोधन) अध्यादेश, 2018 को विचार के साथ ही पारित कराया जायेगा. इन अध्यादेशों को पहले ही राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है.

Chhattisgarh Assembly Elections 2018: टीएस सिंहदेव ने तोड़ा नेता प्रतिपक्ष के नहीं जीतने का मिथक, लेकिन स्पीकर फिर हार गए

लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति की तय कार्य सूची में वर्ष 2018-19 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों (रेल सहित) के दूसरे प्रक्रम पर चर्चा तथा मतदान एवं संबंधित विनियोग विधेयक को विचार एवं पारित कराया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि गुरुवार को नियम 193 के तहत प्राकृतिक आपदा के विषय पर चर्चा हो सकती है. उन्होंने बताया कि कार्य मंत्रण समिति में सहमति बनी है कि प्राकृतिक आपदा, चक्रवात तितली, कृषि संकट तथा महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में सूखा, संघीय ढांचे का मुद्दा, राफेल सौदा, बेरोजगारी, नोटबंदी, सीबीआई, आरबीआई जैसी संस्थाओं की स्वायत्तता के मुद्दे पर भी नियम 193 के तहत आने वाले दिनों में चर्चा हो सकती है.

विधानसभा चुनावों के नतीजों ने बिगाड़ा भाजपा का गणित, 2019 का दावा कैसे होगा पूरा

उल्लेखनीय है कि सरकार अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले इस अंतिम पूर्ण सत्र में अनेक महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाना चाहती है. वहीं, एकजुट विपक्ष राफेल सौदा, कृषि संकट, आरबीआई एवं सीबीआई जैसी संस्थाओं की स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरना चाहती है.