मुंबई: राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार राफेल सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भले तारीफ कर रहे हों, लेकिन उनके बेटी और पार्टी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा है कि इस मुद्दे की जेपीसी जांच होनी चाहिए. इधर, राकांपा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने राफेल सौदे में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है.

इस मुद्दे पर राकांपा महासचिव तारिक अनवर के पार्टी छोड़ने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद पटेल का यह बयान आया है. अनवर ने कहा था कि वह पार्टी प्रमुख द्वारा राफेल सौदे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दिए जाने से व्यथित हैं. पटेल ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘पवार साहेब ने किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी है. राकांपा राफेल सौदे में जेपीसी जांच पर जोर दे रही है और इस लड़ाकू विमान की कीमत सार्वजनिक करने की मांग करती है.’’

अनवर के इस्तीफे का राकांपा पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर पटेल ने कहा, ‘‘किसी के शामिल होने या छोड़ कर जाने से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता.’’ उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि इतने साल हमारे साथ काम करने के बाद उन्होंने हमें सूचना दिए बगैर छोड़ कर जाने का फैसला किया. यह बहुत आश्चर्यजनक है क्योंकि उन्होंने एक समाचार चैनल द्वारा लिए गए पवार के साक्षात्कार के आधार पर यह फैसला किया.

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इस बीच, राकांपा सांसद एवं पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कहा कि यह निराशाजनक है कि लोगों ने राफेल सौदे पर पवार द्वारा उठाए गए तीन सवालों को नहीं सुना. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि लड़ाकू विमान की कीमत में 300 फीसदी इजाफा होने का क्या औचित्य है जो संभवत: सरकारी खजाने को एक बड़ा नुकसान है.

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उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि यदि इस तरह का संदेह जाहिर किया जाता है और सरकार इतनी ही आश्वस्त है तो वह जेपीसी का गठन करने से क्यों हिचक रही है.