अंबाला/नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच राफेल की तैनाती की जा सकती है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि 5 राफेल लड़ाकू विमानों को सूचना मिलने पर बेहद कम समय में ही वहां तैनात किया जा सकता है. इन विमानों को फ्रांसीसी कंपनी डसॉ एविएशन ने बनाया है. हरियाणा के अंबाला एयर बेस पर गुरुवार को एक भव्य समारोह में राफेल विमानों की इंडक्शन सेरेमनी के दौरान राजनाथ सिंह ने इन विमानों के संचालन को लेकर कहा, “हमारी सीमाओं पर जिस तरह का वातावरण है और बनाया जा रहा है, उसे देखते हुए इन विमानों का इंडक्शन अहम है.” Also Read - New Education Policy in Bihar: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गिनाए फायदे, कहा- नई शिक्षा नीति नूतन और पुरातन शिक्षा का समागम है

रक्षा मंत्री ने कहा, “राफेल का सेना में शामिल होना पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा और कठोर संदेश है, विशेष रूप से उनके लिए जो हमारी संप्रभुता पर नजर रखते हैं.” बता दें कि राफेल 4.5 जनरेशन का विमान है, जो कि नए हथियार, बेहतर सेंसर और पूरी तरह से इंटीग्रेटेड आर्टेक्चर से लैस है. राफेल एक ओमनी-रोल विमान है जिसका मतलब है कि यह एक बार में कम से कम चार मिशन कर सकता है. इस लड़ाकू विमान में हैमर मिसाइलें होती हैं. Also Read - लद्दाख से अरुणाचल तक भारतीय सेना की मजूबत होगी पकड़, राजनाथ सिंह करेंगे 43 पुलों का उद्घाटन

राजनाथ सिंह ने कहा कि कहा, “जिस तेजी के साथ भारतीय वायु सेना ने अपनी संपत्तियों को आगे के ठिकानों पर तैनात किया है, उसने भरोसा दिलाया है हमारी वायु सेना ऑपरेशंस को लेकर पूरी तरह से तैयार है.” उन्होंने कहा कि यह भी कहा कि मास्को की हालिया यात्रा के दौरान उन्होंने भारत का द्रष्टिकोण पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि “हम किसी भी स्थिति में अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेंगे. हम इसके लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” Also Read - पहली बार सीमा पर राफेल ने भरी उड़ान, चीन की हर चाल पर भारतीय सेना की पैनी नजर

फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले भी इस समारोह का हिस्सा थे. इस मौके पर उन्होंने कहा, “यदि आप काव्यात्मक अंदाज में लें तो राफेल का मतलब हवा का झोंका कह सकते हैं लेकिन युद्ध के मैदान में इसका मतलब आग बरसाने वाला है.”

भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरके भदौरिया ने कहा, “आज राफेल को शामिल कर दिया गया है. गोल्डन एरो सौभाग्यशाली है कि अब वो राफेल से लैस है.” उन्होंने फ्रांसीसी वायुसेना को उसके सपोर्ट और टैंकर उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद भी दिया. अंबाला में कार्यक्रम की शुरूआत राफेल विमान की एक पारंपरिक ‘सर्व धर्म पूजा’ के साथ हुई. एयर डिस्प्ले के बाद राफेल विमान को पारंपरिक जल तोप की सलामी दी गई.