Rafale Aircraft/Indian Air force: एक तरफ चीन तो दूसरी तरफ पाकिस्तान जैसे जब पड़ोसी देश हों तो भारत को अपनी सेना और वायुसेना (Indian Air force) दोनों पर ही काम करने की आवश्यकता काफी अधिक हो जाती है. ऐसे में भारतीय सेना को 5 राफेल विमान (Rafale Aircraft) कल दे दिए गए. ये राफेल विमान कल फ्रांस से उड़ान भरकर आज संयुक्त अरब अमीरात के एयरबेस अल धफरा पर पहुंचे हैं. यहां इनके मेंटेंनेंस और रीफ्यूलिंग का काम किया जाएगा. इसके बाद ये लड़ाकू विमान उड़ान भरकर कल अम्बाला एयरफोर्स बेस पर आएंगे.Also Read - IAF Group C Recruitment 2021-22: वायु सेना में ग्रुप सी पदों पर रिक्‍त‍ियां, 7वें वेतन आयोग के अनुसार होगी सैलरी

इस एयरक्राफ्ट के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से भारतीय सेना का मनोबल काफी उंचा हो जाएगा. हालांकि एयरफोर्स की हालत अभी ठीक नहीं है क्योंकि यहां स्कॉड्रन की कमी है. इस बात को कई रिपोर्ट्स में बताया जा चुका है. लेकिन राफेल के भारतीय सेना में जुड़ने के साथ ही यह एक युद्ध जीतने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. Also Read - Pakistan ने भारत के राफेल विमानों की खरीद के जवाब में चीन से खरीदे 25 लड़ाकू विमान

राफेल की बहुत खासियतें हैं राफेल के अचूक निशाने से दुश्मन किसी तरह नहीं बच सकता. अगर बिना पे लोड की बात करें तो राफेल का वजन 10 टन है. वहीं अगर यह मिसाइल्स के साथ उड़ान भरता है तो इसका वजन 25 टन तक हो जाता है. कई मालवाहन एयरफोर्स के विमानों की इतनी वजन नहीं होती. इस कारण यह तो तय है कि राफेल अपने साथ काफी मिसाइल्स कैरी कर उड़ान भर सकता है. Also Read - MiG-21 लड़ाकू विमान राजस्‍थान में जैसलमेर के पास क्रैश हुआ, पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा शहीद

बता दें कि राफेल स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस है. यानी यह दुश्मन के रडार को चकमा देने के ताकत रखता है. साथ ही इसे इस हिसाब से डिजाइन किया गया है कि यह हिमालय के उपर भी उड़ान भर सकता है. बता दें कि हिमालय के उपर उड़ान भरने की काबिलियत अच्छे-अच्छे लड़ाकू विमानों में नहीं होती है.

फ्रांस ने अबतक कुल 10 राफेल विमान बना लिए हैं भारत के लिए. लेकिन अभी सिर्फ 5 राफेल विमानों को कल भारतीय वायुसेना के हवाले किया गया है. अन्य 5 राफेल विमानों को फ्रांस में ही रखा गया है ताकि वायुसेना के पायलटों व क्रू को फ्रांस में ट्रेनिंग दी जा सके. वहीं पिछले साल 1 राफेल विमान भारत को सौंपा गया था ताकि भारतीय पायलट भारत में राफेल की ट्रेनिंग अच्छे तरीके से ले सके.

अगर हथियारों की बात करें तो राफेल में सबसे खतरनाक मिसालइल Meteo beyond Visual Range AIR to Air Missile है. यह मिसाइल हवा से हवा में मार करने की क्षमता से लैस है. साथ ही बीते दिनों भारतीय वायुसेना ने राफेल में हैमर मिसाइलों को भी लैस करने की बात कही थी. इन मिसाइलों की खासियत है कि नो स्केप जोन में अगर कोई भी लड़ाकू विमान हो तो राफेल उसे मार गिराएगा. यह अचूक है. बता दें कि कुल 36 राफेल विमान भारत फ्रांस से खरीद रहा है. इसमें अन्य एयरक्राफ्ट को दो सालों में भारत को सौंप दिया जाएगा.