नई दिल्ली: पहला राफेल लड़ाकू विमान भारत को सितंबर में सौंपा जाएगा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को पेरिस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उनके देश की यात्रा के दौरान यह बात कही. मोदी इस समय तीन देशों की यात्रा पर हैं और गुरुवार को वह फ्रांस गए. Also Read - संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने किया 'इमरजेंसी' को याद, बोले- समय के साथ महत्व खो चुके कानूनों को हटाना जरूरी

मैक्रों ने कहा कि 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जो हुआ, उसके लिए हमने संवेदना व्यक्त की है. हम आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना जारी रखेंगे. सुरक्षा क्षेत्र में हमारे संबंध बताते हैं कि हम एक-दूसरे पर कितना भरोसा करते हैं. हमने यह भी पुष्टि की है कि हम ‘मेक इन इंडिया’ में मदद करेंगे और अगले महीने तक पहला राफेल विमान भारत पहुंच जाएगा. भारत ने फ्रांसीसी विमानन प्रमुख डसॉल्ट से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ एक इंटर-गवर्नमेंटल एग्रीमेंट (आईजीए) पर हस्ताक्षर किया है. Also Read - Aus vs Ind, 1st ODI: नंगे पैर मैदान पर घेरा बनाकर नस्लवाद के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगी ऑस्ट्रेलियाई टीम

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सितंबर के तीसरे सप्ताह में फ्रांस जा सकते हैं रक्षामंत्री व वायुसेना प्रमुख
सूत्रों के अनुसार, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख बी.एस. धनोआ 36 विमानों के पहले जेट को लाने के लिए सितंबर के तीसरे सप्ताह में फ्रांस जा सकते हैं. प्रधानमंत्री ने भविष्य में भारत और फ्रांस के बीच अधिक रक्षा सहयोग की उम्मीद जताई. मोदी ने ट्वीट किया कि भारत ने फ्रांसीसी कंपनियों के लिए बेहतरीन मौंके दिए हैं. इसमें कौशल विकास, विमानन, आईटी और अंतरिक्ष में अपार सहयोग की गुंजाइश है. भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग में किए गए प्रयास आशाजनक हैं. हम दोनों देश समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा पर भी काम कर रहे हैं.