नई दिल्ली: एलएसी पर चीन से तनाव के बीच भारतीय वायुसेना में 5 राफेल लड़ाकू विमानों को गुरुवार को अंबाला वायुसैनिक अड्डे पर औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा. इस दौरान आयोजित होने वाले समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उनकी फ्रांसीसी समकक्ष फ्लोरेंस पार्ली और भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे. Also Read - 17 साल के लड़के को महंगी लाइफ स्‍टाइल का लगा चस्‍का, दादाजी के खाते से निकाल ल‍िए 15 लाख रुपए

अधिकारियों ने कहा कि समारोह के बाद पार्ली और सिंह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों और सुरक्षा सहयोग को और मजबूती देने के लिये अंबाला में चर्चा करेंगे. अधिकारियों ने कहा कि फ्रांसीसी रक्षा मंत्री के गुरुवार सुबह यहां पहुंचने का कार्यक्रम है और दोपहर बाद वे यहां से रवाना हो जाएंगी. Also Read - Released! AFCAT Admit Card 2020: IAF ने जारी किया AFCAT 2020 का एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड 

भारत और फ्रांस के बीच 36 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 59,000 करोड़ रुपए की लागत से हुए अंतर सरकारी समझौते के करीब 4 साल बाद 29 जुलाई को पांच राफेल लड़ाकू विमानों का पहला जत्था भारत पहुंचा था. Also Read - MS Dhoni ने राफेल के IAF में एंट्री पर जताई खुशी, किया दिल जीतने वाला ये मैसेज

फ्रांसीसी विमानन कंपनी दसाल्ट एविएशन द्वारा उत्पादित इन विमानों को अभी औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल नहीं किया गया है. अब तक भारत को 10 राफेल विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं जिन पर भारतीय वायुसेना के पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं।

सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाने की उम्मीद है. चार राफेल लड़ाकू विमानों के एक अन्य जत्थे के नवंबर तक भारत पहुंच जाने की उम्मीद है.

सूत्रों ने कहा कि भारत द्वारा फ्रांस से 36 और लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर सिंह और पार्ली की बातचीत के दौरान शुरुआती चर्चा हो सकती है.

रूस से सुखोई विमानों की खरीद के बाद अपनी सटीक मारक क्षमता और वायु श्रेष्ठता के लिए चर्चित राफेल विमानों की करीब 23 साल बाद खरीद हुई है. राफेल विमान अत्याधुनिक हथियारों और उन्नत प्रणाली से लैस हैं.