नई दिल्ली: राफेल लड़ाकू विमान आज भारतीय वायुसेना के अंबाला स्थित एयरबेस पर उतरेगा और बहुत जल्द ही इसे भारतीय वायुसेना में शामिल कर लिया जाएगा. राफेल कितना खतरनाक है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि मध्य एशिया में इस लड़ाकू विमान ने कई युद्धों में भाग लिया है. साथ ही हर जगह इस विमान को जीत ही मिली. राफेल के हमले से दुश्मन के खेमों में हाहाकार मच जाता था. बता दें कि राफेल अबतक अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, माली, और लीबिया में सैन्य ऑपरेशन कर चुका है. बता दें कि आंतकवादी समूह ISIS के खिलाफ इस विमान खूब बमबारी की थी. इस कारण कई आईएस के आतंकी मारे गए थे. Also Read - राफेल को भारत तक लाने वाले कश्मीरी पायलट हिलाल अहमद पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का भी हिस्सा थे

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यही नहीं ओसामा बिन लादेन तक को इस लड़ाकू विमान से खौफ था. अमेरिका में हुए 9/11 के बाद NATO के नेतृत्व में तालिबान के अड्डों को तबाह करने के लिए फ्रांस भी अमेरिका के साथ अफ्गानिस्तान में कूद पड़ा और राफेल ने तालिबान के कई ठिकानों को नष्ट किया व तालिबान आतंकियों के बीच खलबली मचा दी. बता दें कि लेजर गाइडेड मिसाइलों, 30MM बंदूकों और Hammer मिसाइलों ने तालिबान के पसीने छुड़ा दिए. Also Read - कांग्रेस ने कहा- राफेल का स्वागत, लेकिन कीमत 526 की बजाय 1670 करोड़ रुपए क्यों, 126 राफेल की जगह सिर्फ 36 ही क्यों?

कर्नल गद्दाफी पर राफेल का हमला

यही नहीं लीबिया के तानाशाह कर्नल गद्दाफी के खिलाफ भी राफेल ने अपनी शक्ति को दिखाया है. बता दें कि लीबिया के शहर बेंगाजी और त्रिपोली पर सबसे पहले हमला करने वाले लड़ाकू विमानों में से राफेल सबसे पहला लड़ाकू विमान था. राफेल ने गद्दाफी के फौज पर खूब मिसाइले दागे. राफेल ने अफ्गानिस्तान के बाद यहां भी साबित किया कि राफेल सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में से एक है. इसके लेजर गाइडेड मिसाइल किसी भी ठिकाने को ध्वस्त करने की ताकत रखते हैं. राफेल के हथियारों और राफेल की सटीकता इतनी शानदार है कि मिसाइल दागने के बाद उसे ट्रैक नहीं करना पड़ता. मिसाइल खुद ब खुद दुश्मन को ढूंढ कर खत्म कर देगा. इसके लिए बस एक बार टार्गेट लॉक करना होता है.

तुर्की के ठिकानों को किया तबाह

राफेल ने तुर्की को भी नहीं छोड़ा. लीबिया के अल-वाटिया में स्थित एयरबेस में मौजूद तुर्की के ठिकानों को भी नष्ट कर दिया. इसमें सबसे खास बात यह रही कि तुर्की के रडारों को राफेल विमानों ने चकमा दे दिया. क्योंकि यह स्टेल्थ टेक्नोलॉजी से लैस है, जो इसे दुश्मन के रड़ार से छिपने में मदद करता है. वहीं पश्चिमी अफ्रीका के देश माली में एक ऑपरेशन के दौरान राफेल विमान ने माली में दुश्मन के 21 ठिकानों के नष्ट किया. यही नहीं इस मिशन में राफेल लगातार 9 घंटे 35 मिनट तक हवा में उड़ता रहा.

ISIS पर खूब बरसाया बम

यही नहीं साल 2014 के समय इराक और सीरिया में राफेल ने इराक पर टोही अभियान की शुरुआत की थी. इसके बाद ISIS के आतंकियों को खत्म करने के लिए फ्रांस ने 9 राफेल विमान भेजे. इस दौरान अमेरिकी सेना के एक से बढ़कर एक लड़ाकू विमानों को टक्कर देते हुए राफेल ने दुश्मन के ठिकानों को चुन-चुनकर ISIS के आतंकियों का खात्मा किया. बता दें कि राफेल का अचूक निशाना, स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, हेवी पे लोड, हेवी बॉम्बिंग क्षमता, लेजर गाइडेड मिसाइलें यह सभी राफेल को बाकी लड़ाकू विमानों से अलग बनाती हैं.