नई दिल्ली: दिल्ली में मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने दूसरी बार पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज की. इस दौरान 2 नवनिर्वाचित विधायकों राघव चड्ढा और आतिशी के मंत्रिमंडल में शामिल होने को लेकर अनुमान लगाया जाने लगा. दोनों ही केजरीवाल सरकार में सलाहकार रह चुके हैं. लेकिन केंद्र द्वारा उनकी नियुक्ति को अवैध करार देने के बाद उन्हें उनकी पद से हटा दिया गया था. बीते साल दोनों ने लोकसभा चुनाव में भाग लिया था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. लोकसभा चुनावों में दिल्ली की सातों सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की.

राघव चड्ढा एक पेशे सें चार्टर्ड अकाउंटेंट और आप पार्टी के प्रवक्ता है. राघव की छवि पार्टी में एक मिलनसार और सामाजिक व्यक्ति की है. राघव ने राजिंदर नगर से 20 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है. राघव की जीत के बाद से यह खबरें उड़ने लगी हैं कि उन्हें दिल्ली का वित्त मंत्री बनाया जा सकता है. मीडिया द्वारा इस बारे में सवाल पूछे जाने पर राघव ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

राघव चड्ढा ने इस सवाल के जवाब में कहा कि यह सवाल मायने नही रखता है और इसका कोई मतलब भी नहीं बनता. अगर कुछ मायने रखता है तो वह है आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव में जीता दर्ज की है. उन्होंने कहा कि मायने यह रखता है कि दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल और आप कार्यकर्ताओं को दूसरी बार जिताया है. आप पार्टी के कार्यकर्ता होने के कारण हम उनके पीछे रहकर काम करना पसंद करेंगे.

वहीं अगर आतिशी की बात करें तो उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफन्स कॉलेज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है. आतिशी शिक्षा के क्षेत्र में काम करने को लेकर कई बार इच्छा जाहिर कर चुकी हैं. लोगों का मानना है कि मनीष सिसोदिया शिक्षा विभाग का काम छोड़ सकते हैं. साल 2015 में दिल्ली में सरकार बनाने के बाद आतिशी को मनीष सिसोदिया का सलाहकार चुना गया था. हालांकि बाद में केंद्र ने इस नियुक्ति को अवैध करार दिया था जिस वजह से आतिशी को बाद में सलाहकार के पद से हटा दिया गया था.