नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने देशभर में फंसे हुए लोगों को ले जाने के लिए विशेष श्रमिक रेलगाड़ियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किये है. रेलवे ने कहा है कि क्षमता की 90 प्रतिशत मांग होने पर ही विशेष श्रमिक रेलगाड़ियां चलाई जानी चाहिए और राज्यों को टिकट का किराया लेना चाहिए. किराया वसूलने के बयान पर रेलवे की तीखी आलोचना हो रही है. अब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी रेलवे पर निशाना साधा है. Also Read - हथिनी की मौत का मामला: केरल के CM ने कहा- कार्रवाई होगी, मेनका गांधी बोलीं- राहुल गांधी क्यों नहीं ले रहे एक्शन?

राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि यह अपने आप में एक गुत्थी है कि रेलवे एक तरफ ‘पीएम केयर्स’ कोष में 151 करोड़ रुपये दे रहा है और दूसरी तरफ प्रवासी श्रमिकों से किराया वसूल रहा है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से किराया वसूल रही है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपये का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए!’’ Also Read - रेलवे ने यात्रियों को लौटाए 1885 करोड़ रुपए, कोरोना के चलते रद्द किए गए थे ट्रेनों के टिकट

गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि इन मजदूरों के लौटने पर होने वाले खर्च का वहन पार्टी की प्रदेश इकाइयां करेंगी. उन्होंने कहा, ‘‘ ‘‘कांग्रेस ने कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने. इसलिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि हर प्रदेश कांग्रेस कमेटी हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी.’’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि 1947 के बाद से पहले बार देश ने इतना बड़ा संकट देखा है जब लाखों की संख्या में किसान सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर हुए हैं. उन्होंने कहा कि ये श्रमिक हमारे देश को मजबूत बनाने में अहम योगदान निभाते है इसलिए देश की सबसे पुरानी पार्टी ऐसे ही इन्हें कष्ट सहने के लिए नहीं छोड़ सकती. सोनिया गांधी ने भी रेलवे पर निशाना साधते हुए कहा कि करोंड़ों रुपये फंड में दिया जा सकता है लेकिन क्या भूखे मजदूरों को घर नहीं पहुंचाया जा सकता.