नई दिल्ली: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता काटने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है. राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार का ये निर्णय असंवेदनशील तथा अमानवीय है. बता दें कि केन्द्र सरकार ने अपने एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेशेंनभोगियों को दिये जाने वाले महंगाई भत्ते और महंगाई राहत को 30 जून 2021 मौजूदा स्तर पर ही रोक दिया है. राज्य सरकारें भी केन्द्र के इस निर्णय को अपना सकती हैं. Also Read - Corona Pandemic: कब खत्‍म होगी Covid19 महामारी? सुप्रसिद्ध वायरोलॉज‍ि‍स्‍ट ने दिया ये जवाब

इसी को लेकर राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर लिखा- “लाखों करोड़ की बुलेट ट्रेन परियोजना और केंद्रीय विस्टा सौंदर्यीकरण परियोजना को निलंबित करने की बजाय कोरोना से जूझ कर जनता की सेवा कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशन भोगियों और देश के जवानों का महंगाई भत्ता(DA)काटना सरकार का असंवेदनशील तथा अमानवीय निर्णय है.” Also Read - COVID-19: कोरोना की दूसरी लहर के बीच भारत में घटी तेल की मांग, रिफाइनर्स ने प्रोसेसिंग रन में की कटौती

गौरतलब है कि केन्द्र और राज्य दोनों के इस फैसले पर अमल से कुल मिलाकर 1.20 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी और इससे उन्हें कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने में मदद मिलेगी. वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है, ‘‘कोविड- 19 से उत्पन्न संकट को देखते हुये यह निर्णय लिया गया है कि केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को एक जनवरी 2020 से मिलने वाली महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशन भोगियों का दी जाने वाली महंगाई राहत (डीआर) की किस्त का भुगतान नहीं किया जायेगा.’’

इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जनवरी 2020 से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता चार प्रतिशत बढ़ाकर 21 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था. अब बृहस्पतिवार को लिये गये निर्णय से इस वृद्धि को भी रोक दिया गया है. अब अगले साल 30 जून तक महंगाई भत्ते की प्रभावी दर 17 प्रतिशत ही रहेगी.