नई दिल्ली। नोटबंदी के मुद्दे पर आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज फिर मोदी सरकार को घेरा. राहुल ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी के बहाने भारत के सबसे बड़े 15 क्रोनी कैपिटलिस्ट को काले धन को सफेद धन में बदलने में मदद पहुंचाई. उन्होंने कहा कि इसके बहाने आम लोगों का पैसा दूसरों तक पहुंचाया गया. Also Read - कोरोना वायरस के 'इलाज और टीके' के लिए पीएम मोदी ने की फ्रांस के राष्ट्रपति से बात

राहुल ने कहा, नोटबंदी से आम लोगों का रोजगार छिना है. इसने छोटे कारोबारियों पर चोट की. कहा गया नोटबंदी से काला धन खत्म होगा. नोटबंदी एक घोटाला था. प्रधानमंत्री को जवाब देना है कि देश पर इतनी बड़ी चोट क्यों की? इससे 2 फीसदी जीडीपी गिरी,  बेरोजगारी बढ़ी. पीएम मोदी ने देश का पैसा निकालकर अपने उद्योगपति दोस्तों की जेब में डाल दिया. नोटबंदी के बाद सारे के सारे नोट वापस आ गए. Also Read - Coronavirus: EMI भुगतान के SMS से कर्जदारों में तीन महीने की मोहलत को लेकर भ्रम

पीएम को देना होगा जवाब Also Read - मन को खुश रखने के लिए हफ्ते में 1-2 बार ये काम करते हैं पीएम मोदी, शेयर किया वीडियो

प्रधानमंत्री जी ने देश के युवाओं, छोटे दुकानदारों से वादा किया था कि काला धन खत्म हो जाएगा, नकली नोट खत्म हो जाएंगे और आतंकवाद पर चोट लगेगी. पूरा पैसा वापस आ गया. जीडीपी को दो फीसदी का नुकसान हुआ है. प्रधानमंत्री जी को जवाब देना है कि उन्होंने अर्थव्यवस्था पर इतनी बड़ी चोट क्यों मारी? सबसे बड़े 15-20 क्रोनी कैपिटलिस्ट के पास एनपीए (फंसे हुए कर्ज) हैं. मोदी जी ने जनता की जेब से पैसे लेकर क्रोनी कैपिटलिस्ट लोगों की मदद की. मोदी जी ने कालेधन को सफेद करने का काम किया. गुजरात का सहकारी बैंक इसका उदाहरण है. नोटबंदी बहुत बड़ा घोटाला है.

नोटबंदी जनता के ऊपर आक्रमण था

राहुल ने कहा, नोटबंदी आप पर आक्रमण था, आपके पैरों पर कुल्हाड़ी मारी गई थी. ये कोई गलती नहीं थी. ये अमेजन जैसी कंपनी के लिए रास्ता खोलने का कदम था. कुछ दोस्तों के लिए रास्ता खोला गया. अब इसके सबूत सामने आ रहे हैं. नरेंद्र मोदी क्रोनी कैपिटलिस्ट की मदद करते हैं. क्रोनी कैपिटलिज्म का अर्थ है नेताओं, पूंजीपतियों के बीच सांठगांठ का होना.पीएम ने देश की धज्जियां उड़ा दीं. नोटबंदी एक घपला था, धीरे-धीरे सच्चाई सामने आने लगी है. काले धन को सफेद करने के लिए नोटबंदी की गई. राहुल ने कहा, नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं, किसानों, महिलाओं को चोट दी. इससे आतंकवाद कम नहीं हुआ. नोटबंदी का मकसद था क्रोनी कैपिटलिस्ट की मदद करना.

राहुल ने राफेल पर भी घेरा

राहुल ने इस दौरान राफेल डील को लेकर भी सरकार को घेरा. पीएम झूठ बोलते हैं और हम उसे पकड़ना हमारा काम है. जेटली जी कभी कहते हैं कि हम दाम बताएंगे और कभी कहते हैं कि नहीं बताएंगे. एक उद्योगपति को मदद देने के लिए डील बदली गई. राफेल डील से कुछ समय पहले ही इस उद्योगपति ने कंपनी खोली.

राफेल एक क्लियर कट केस है. इस उद्योगपति की कंपनी ने कभी भी एयरक्राफ्ट नहीं बनाया है. उनपर 45 हजार करोड़ रुपये का लोन है और राफेल डील से कुछ दिन पहले ही कंपनी बना ली. एचएएल पिछले 70 साल से एयरक्राफ्ट बना रही है. एक एयरक्राफ्ट जो 520 करोड़ रुपये का था वह 1600 करोड़ रुपये में क्यों खरीदा गया.