नई दिल्ली. राफेल मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग पर वित्त मंत्री अरुण जेटली से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगने के एक दिन बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज एक बार फिर इस लड़ाकू विमान के सौदे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है. कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ‘विश्वव्यापी भ्रष्टाचार’ है और ‘आने वाले कुछ हफ़्तों में राफेल कुछ बड़े बम गिराने वाला है. राहुल गांधी ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर शेयर करते हुए टि्वटर के जरिए केंद्र सरकार पर हमला किया है. इंडियन एक्सप्रेस ने आज एक खबर प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि जब राफेल को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी तब अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एंटरनमेंट ने तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा अलोंद की पार्टनर को फिल्म निर्माण में सहयोग किया था.

राहुल ने कहा- बंकरभेदी बम गिराएगा राफेल
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पिछले कई महीनों से केंद्र सरकार और पीएम मोदी को राफेल विमान सौदे को लेकर घेरते रहे हैं. वे सार्वजनिक सभाओं, मंचों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए लगातार इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं. गुरुवार की शाम भी राहुल गांधी ने फ्रांस के साथ हुए इस रक्षा सौदे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पीएम मोदी पर राफेल विमान सौदे को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया. आज किए गए अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने कहा, ‘यह विश्वव्यापी भ्रष्टाचार है. यह राफेल विमान वास्तव में दूर तक और तेज तक उड़ता है ! यह आने वाले कुछ हफ़्तों में कुछ बड़े बंकर भेदी बम भी गिराने वाला है.’ उन्होंने कहा, ‘मोदी जी कृपया अनिल (अंबानी) को बताएं कि फ्रांस में एक बड़ी समस्या है.’

राफेल को लेकर जेटली पर भी वार
लड़ाकू विमान राफेल के सौदे को लेकर राहुल गांधी न सिर्फ पीएम मोदी को निशाना बना रहे हैं, बल्कि वे रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी लगातार हमले कर रहे हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली के राहुल के बयानों के जवाब में किए गए फेसबुक पोस्ट के संदर्भ में भी कांग्रेस अध्यक्ष ने बीते दिनों हमला किया था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राफेल विमान सौदे के बारे में कांग्रेस के ऊपर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि विपक्षी पार्टी तथा उसके नेता राहुल गांधी फर्जी अभियान चलाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ कर रहे हैं. इस पर राहुल गांधी ने उन पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया था कि ‘आपके सुप्रीम लीडर’ अपने एक मित्र को बचा रहे हैं.

राहुल ने कहा था, ‘युवा भारत इंतजार कर रहा है. मैं आशा करता हूं कि आप मोदी जी और अनिल अंबानी जी को इस बात के लिए मनाने में लगे हैं कि उन्हें आपकी बात क्यों सुननी चाहिए और इसकी अनुमति देनी चाहिए.’ राहुल ने अपने सवालों का जवाब देने के लिए जेटली को 24 घंटे की मोहलत दी थी. इसके बाद गुरुवार को भी राहुल ने एक ट्वीट कर जेटली से कहा था, ‘प्रिय जेटली जी, राफेल की जांच के लिए जेपीसी के गठन के संदर्भ में आपकी समयसीमा खत्म होने में छह घंटे बचे हैं. मुझे लगता है कि आपके बॉस ने ‘ग्रेट राफेल रॉबरी’ पर जेपीसी गठित करने से मना कर दिया? छिपाने के लिए बहुत कुछ है, इतना डरे हैं कि लोगों का सामना नहीं कर सकते.’

(इनपुट – एजेंसी)