नई दिल्ली: डोकलाम मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर सवाल उठाए हैं. गुरुवार सुबह राहुल ने एक खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ‘ये चौंकाने वाला है कि सुषमा स्वराज जी जैसी महिला ने चीनी ताकत के सामने घुटने टेक दिए. सरकार का इस तरह चीन के सामने घुटने टेकना बॉर्डर पर तैनात जवानों के साथ विश्वासघात है.Also Read - Rahul Gandhi Defamation Case: राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में सुनवाई 13 नवंबर तक टली, जानिए पूरा मामला

गौरतलब है कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को कहा कि था डोकलाम में यथास्थिति बनी हुई है और यह मुद्दा कूटनीतिक परिपक्वता के साथ सुलझा लिया गया है. तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सुगता बोस के सवाल का जवाब देते हुए सुषमा ने कहा कि अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वुहान में हुई अनौपचारिक मुलाकात से ‘ठोस उपलब्धियां’ हासिल हुईं. Also Read - सिद्धू का नया पैंतरा-पहले इस्तीफा, फिर लिया वापस, अब सोनिया गांधी को लिखा खत, मिलना चाहता हूं

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उन्होंने कहा कि दक्षिण चीन सागर में भारत की स्पष्ट नीति है कि वहां स्वतंत्र रूप से नौवहन की इजाजत होनी चाहिए, जहां तक डोकलाम का सवाल है, मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रही हूं कि यह कूटनीतिक परिपक्वता के साथ सुलझा लिया गया है. सेना के आमने-सामने वाली जगह(फेसऑफ साइट) पर यथास्थिति बनी हुई है और यहां एक इंच भी बदलाव नहीं हुआ है. बोस ने पूछा था कि क्या चीनी राष्ट्रपति के साथ मोदी की बातचीत के दौरान डोकलाम मुद्दा उठाया गया था.

पिछले वर्ष डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं 73 दिनों तक आमने-सामने थीं, जिसके बाद दोनों देशों ने अगस्त में अपनी सेनाओं को हटाने का फैसला किया. सुषमा ने कहा कि वुहान में बनी सहमति में डोकलाम की स्थिति के बारे में भी चर्चा हुई. दोनों नेताओं ने अपनी सशस्त्र सेनाओं को स्थानीय स्तर पर गलतफहमी और मतभेद समाप्त करने और इसे नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए. मंत्री ने कहा कि वुहान बैठक में दोनों देशों के बीच ‘लोगों से लोगों के संबंध’ को बढ़ाने के बारे में भी चर्चा हुई और चीन के विदेश मंत्री वर्ष के अंत में भारत आएंगे. ‘इसलिए, यह एक ठोस उपलब्धि है.’