नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को गठबंधन पर फैसला लेने का अधिकार दे दिया गया है. कांग्रेस कार्यसमिति ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को ये अधिकार दिया है कि वो पार्टी के लिए चुनावों से पहले और चुनावों के बाद के गठबंधन पर सारे फैसले ले सकते हैं. कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी अशको गहलोत ने ये जानकारी दी. वहीं एएनआई से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के लिए एक टीम बनाई जाएगी जो इस तरह की संभावना के बारे में विचार करेगी. वहीं यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हम गठबंधन करने और उसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस प्रयास में हम सभी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हैं. Also Read - Rahul Gandhi Push-ups Video: राहुल गांधी एक साथ किए 15 पुश अप्स, छात्र को मार्शल आर्ट के स्टेप भी बताए, देखें VIDEO

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कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का भी मानना है कि 12 राज्यों में पार्टी मजबूत स्थिति में है और 150 सीटें जीत सकती है लेकिन अन्य राज्यों में उसे जीत के लिए अन्य दलों से गठबंधन की जरूरत है. चिदंबरम का मानना है कि गठबंधन करने से पार्टी 300 सीटें जीत सकती है.

वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि देश में सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ जितना बड़ा गठबंधन बनेगा उतना ही कांग्रेस के लिए अच्छा रहेगा. आम आदमी पार्टी से गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि कहीं भी गठबंधन के बारे में फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा और जो भी फैसला होगा हम उसके साथ रहेंगे. गठबंधन संबंधी पी चिदंबरम के बयान का समर्थन करते हुए सिंह ने कहा कि देश में जितना बड़ा गठबंधन होगा उतना ही हमारे लिए अच्छा होगा.

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राहुल विपक्ष का चेहरा

गौरतलब है कि शिवसेना ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए उन्हें विपक्ष का चेहरा बताया. शिवसेना की यह टिप्पणी केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के लोकसभा में गिरने के एक दिन बाद आई है. शिवसेना सांसद और पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत ने कहा, “राहुल अब विपक्ष का चेहरा हैं. यह बात शुक्रवार को उनके भाषण से स्पष्ट हो गई है. शिवसेना के प्रवक्ता ने कहा कि शुक्रवार को संसद में अपने प्रदर्शन से राहुल ने साबित कर दिया है कि वह प्रभावपूर्ण तरीके से विपक्ष की अगुवाई कर सकते हैं.

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गठबंधन को ममता की  ना

हालांकि गठबंधन की संभावनाओं के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस 2019 का लोकसभा चुनाव बंगाल में अकेले लड़ेगी और उन्होंने कांग्रेस व वाम दलों को चेतावनी दी कि वे राज्य में ‘भाजपा के साथ हाथ नहीं मिलाएंगे’. पार्टी के शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “इस रैली में हमारा संकल्प यह है कि हम 2019 में बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेंगे. उन्होंने कहा, “कांग्रेस और वाम दल भाजपा को बंगाल में आगे बढ़ने में सहयोग कर रहे हैं, जबकि दिल्ली में हमारा समर्थन चाहते हैं. उन्हें दो बार सोचना चाहिए. हमें बंगाल में उनके समर्थन की जरूरत नहीं है. हम अकेले लड़ेंगे, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि हम उन्हें दिल्ली में समर्थन देंगे.