नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विजय माल्या के मामले को लेकर शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर फिर हमला बोला और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के एक ‘पसंदीदा’ अधिकारी ने माल्या के खिलाफ लुकआउट नोटिस को कमजोर किया था. Also Read - Mann Ki Baat: पीएम नरेंद्र मोदी बोले- कठिन समय में कृषि क्षेत्र ने दिखाया दमखम, जानें भाषण की अहम बातें

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गांधी ने ट्वीट कर दावा किया, ‘ सीबीआई के संयुक्त निदेशक एके शर्मा ने माल्या के लुकआउट नोटिस को कमजोर किया जिससे माल्या भागने में कामयाब रहा.’ उन्होंने कहा, ‘शर्मा गुजरात कैडर के अधिकारी हैं और वह सीबीआई में प्रधानमंत्री के बहुत पसंदीदा हैं.’ गांधी ने दावा किया, ‘यही अधिकारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के भागने की योजना के प्रभारी थे.” Also Read - PM Narendra Modi Full speech at UNGA: पीएम मोदी बोले- आखिर कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के निर्णय लेने वाले स्ट्रक्चर से अलग रखा जाएगा?

कांग्रेस अध्यक्ष ने शुक्रवार को कहा था कि यह समझ से परे है कि इतने बड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमति के बिना सीबीआई ने लुकआउट नोटिस बदला होगा.

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माल्या के दावे के बाद से कांग्रेस इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर लगातार निशाना साध रही है. दरअसल, माल्या ने गत बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी.

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उधर, वित्त मंत्री जेटली ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया था. जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का ‘दुरुपयोग’ करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था. उसी दिन कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने दावा किया था कि उन्होंने सेंट्रल हॉल में खुद जेटली और माल्या के बीच मुलाकात होते देखी थी. दोनों के बीच काफी देर तक बात होती रही. उन्होंने सीसीटीवी फुटेज निकालने की भी मांग की थी. अगले दिन राहुल गांधी ने पीएल पुनिया और दूसरे कांग्रेस नेताओं के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार से मामले की जांच कराने और जेटली से इस्तीफा देने की मांग की.