कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी को मनाने की सभी कोशिशें विफल होती दिख रही हैं. राहुल ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि वह अब अध्यक्ष नहीं हैं और पार्टी को इस बारे में जल्द फैसला कर लेना चाहिए. संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत में राहुल ने कहा कि पार्टी को अपने नए अध्यक्ष के बारे में तुरंत फैसला कर लेना चाहिए. इसमें और देरी नहीं करनी चाहिए. मैं इस प्रक्रिया में कहीं नहीं हूं. मैंने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है और अब मैं पार्टी का अध्यक्ष नहीं हूं.

2017 में कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेवारी संभालने वाले राहुल ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद इस्तीफा दे दिया था. लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 25 मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपा था. हालांकि कांग्रेस ने एकमत से उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया था. इसके बावजूद राहुल अपने इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को केवल 52 सीटें मिली हैं.

इस बीच राहुल गांधी को मनाने की पूरी कोशिश होती रही. दो दिन पहले ही कांग्रेस शासित पांचों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उनके मिलकर उनसे इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध किया था. पार्टी में व्याप्त इस संकट के बीच बुधवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर सोनिया गांधी से मुलाकात की है. दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक बातचीत हुई.