नई दिल्ली: राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार गठन के लिए संख्याबल जुटने के बाद निर्वाचित विधायकों ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को मुख्यमंत्रियों के नाम पर फैसला करने के लिए अधिकृत कर दिया और शीर्ष दावेदारों समेत वरिष्ठ नेता पूरे दिन और देर रात तक माथापच्ची करते रहे. इन तीनों राज्यों में सत्ता का ताज किसके सिर पर सजेगा- इसे लेकर संशय बना रहा. पार्टी नेताओं ने कहा कि इन तीनों राज्यों के लिए नियुक्त पर्यवेक्षकों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ राहुल गांधी की बैठक के बाद ही गुरुवार को नामों की घोषणा की जा सकती है.Also Read - पंजाब चुनाव में Avengers के सुपरहीरो की एंट्री! 'Thor' बने चन्नी तो राहुल गांधी 'Hulk'- कांग्रेस का कैंपेन वीडियो Viral

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इन तीन राज्यों के साथ हुए तेलंगाना और मिजोरम के चुनाव में विजयी हुई तेलंगाना राष्ट्र समिति और मिजो नेशनल फ्रंट की गुरुवार और शनिवार को सरकार बनने जा रही है. तेलंगाना राष्ट्र समिति के के. चंद्रशेखर राव आज तेलंगाना के मुख्यमंत्री पद और मिजो नेशनल फ्रंट के जोरमथंगा शनिवार को मिजोरम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जिन तीन राज्यों में कांग्रेस विजयी हुई है, वहां के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बैठक की. मध्य प्रदेश और राजस्थान में पार्टी नेताओं ने सरकार गठन के लिए दावा पेश करने के लिए राज्यपालों से मुलाकात भी की.

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राजस्थान में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आगे हैं. मध्य प्रदेश में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रबल दावेदार हैं. तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए जबर्दस्त लॉबिंग के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इन तीनों राज्यों में हर राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी शीर्ष पसंद बताने को कहा है.

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सूत्रों के मुताबिक पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक अंदरूनी संदेश मंच (एप) का उपयोग करते हुए गांधी ने उन्हें ऑडियो संदेश भेजा है और उन्होंने उनसे अपने-अपने राज्यों में मुख्यमंत्रियों के चयन के लिए फीडबैक मांगा है. बार-बार इस संबंध में जानने का प्रयास किए जाने के बावजूद पार्टी प्रवक्ताओं ने इस संदेश और उसके मजमून पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. यह संदेश कब भेजा गया है, उसका सटीक समय भी नहीं पता चल पाया है.

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हालांकि सूत्रों का कहना है कि जिन राज्यों में चुनाव हुए, वहां अनेक पार्टी कार्यकर्ताओं को यह संदेश भेजा गया है. इन तीनों राज्यों में से प्रत्येक में मुख्मयंत्री पद के लिए एक से अधिक नाम सामने आने के कारण गांधी ने अपने संदेश में कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं की पसंद सीधे उन तक पहुंचनी चाहिए और इसके बारे में किसी भी अन्य को पता नहीं चलना चाहिए. इस संबंध में पार्टी के एक वरिष्ठ विधायक ने भी शक्ति एप से ऐसा संदेश मिलने की पुष्टि की. यह एप कांग्रेस प्रमुख पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने के लिए इस्तेमाल करते हैं.