नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि नेपाल (Nepal) और चीन (China) के साथ भारत के बिगड़ते रिश्तों पर केंद्र सरकार को देश के सामने डीटेल्स पेश करना चाहिए. अभी किसी को भी नहीं पता चल पा रहा है कि क्या हुआ और क्या विवाद है.Also Read - Punjab Elections 2022: राहुल गांधी की अमृतसर मीटिंग से दूर रहे 5 कांग्रेस सांसद, एक MP ने दी ये सफाई

चीन के साथ सीमा पर जो मुद्दा है, इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नेपाल में क्या हुआ, लद्दाख (Ladakh) में क्या हुआ यह सब सरकार को देश की जनता को बताना चाहिए. इस मुद्दे पर अभी तक पारदर्शिता नहीं दिख रही है. इसलिए मेरे लिए भी कुछ भी कह पाना मुश्किल है. Also Read - चीनी सेना PLA ने इंडियन आर्मी को सौंपा अरुणाचल प्रदेश के 19 साल के लड़के को: केंद्रीय मंत्री रिजिजू का ट्वीट

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चीन के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं अभी इस मुद्दे पर ज्यादा नहीं बोलूंगा. इसे मैं सरकार की दूरदर्शिता पर छोड़ूंगा. चीन के मुद्दे पर कुछ भी बोलना अभी मेरे लिए ठीक नहीं रहेगा, इसलिए समय आने पर इस पर बात करूंगा. बता दें इन दिनों पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) के पास के कई क्षेत्रों में भारतीय सेना और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है. इसे लेकर यह भी कहा जा रहा है कि यह तनाव 2017 के डोकलाम विवाद के बाद सबसे बड़ी सैन्य तनातनी का रूप ले सकती है.

वहीं मामले पर उच्च पदस्थ सैन्य सूत्रों के मुताबिक, भारत ने पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में अपनी स्थिति मजबूत करना शुरू कर दिया है. चीनी सेना ने इन क्षेत्रों में करीब ढाई से तीन हजार सैनिकों की तैनाती की है, जो धीरे-धीरे अस्थाई निर्माण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में इन क्षेत्रों में भारतीय सेना ने भी अपने सैनिकों की तैनाती पर जोर देना शुरू कर दिया है. इससे पहले त्तरी कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा था कि, ‘यह सामान्यतौर पर किया अतिक्रमण नहीं है.’