नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहे जाने पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा कि उन्हें जीएसटी समझ में नहीं आया. जेटली ने एबीपी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि आज जिन चीजों पर 18 प्रतिशत टैक्स लग रहा है, कांग्रेस के जमाने में उन चीजों पर 31 प्रतिशत टैक्स हुआ करता था. Also Read - Check PMAYG 2021 Beneficiary List: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2691 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी करेंगे पीएम मोदी, जानिए कैसे लें इस योजना का लाभ

राफेल डील पर जेटली ने कहा कि ये डील अप्रैल 2015 में हुई थी. ये गवर्मेंट टू गवर्मेंट डील है. इस डील में कोई तीसरा मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि एयरफोर्स लगातार कह रही थी कि हमारी कॉम्बैट एबिलिटी बढ़ाइए और कांग्रेस ने इसे 10 साल तक लटकाए रखा. अब डील हो जाने के ढाई साल बाद कांग्रेस क्यों इस पर सवाल उठा रही है? Also Read - खेती को बर्बाद करने बनाए गए तीन कानून... मेरा चरित्र साफ, मैं डरने वाला नहीं: राहुल गांधी

गुजरात चुनाव पर जेटली ने कहा कि पीएम मोदी ने राज्य में विकास का विजन रखा है. गुजरात में मोदी का कद विरोधियों के मुकाबले काफी ऊंचा है. गुजरात में प्रो-इनकैंबेंसी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस गुजरात में विकास विरोधी राजनीति कर रही है. दुनिया के किसी भी लोकतंत्र में ऐसा नही हुआ है जहां कि विकास का मजाक उड़ाया जाए. Also Read - राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के खिलाफ 'खेती का खून' नाम की बुकलेट जारी की, कहा- मैं PM Modi और बीजेपी से नहीं डरता

जेटली ने गुजरात में पटेलों को आरक्षण देने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस का गुजरात में आरक्षण देना बेतुकी बात है. हार्दिक और कांग्रेस एक दूसरे को धोखा दे रहे हैं. उन्होने कहा कि जातीय आंदोलन से गुजरात में कोई राजनीतिक लाभ नही होगा. 

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जेटली ने कहा कि जाति की राजनीति अब फेल हो गई है. उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में यूपी में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) एक भी सीट नहीं जीत सकी, समाजवादी पार्टी (एसपी) परिवार तक ही सीमित रह गई जबकि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) दो सीटों पर सिमट गई. इन्हें एक जाति को छोड़ कर दूसरा वोट नहीं पड़ा.